September 15, 2026
National

संवत्सरी हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं : प्रधानमंत्री मोदी

Samvatsari reminds us that forgiveness and compassion strengthen every relationship: Prime Minister Modi.

जैन धर्म के सबसे पवित्र पर्व संवत्सरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगी। प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, “संवत्सरी हमें याद दिलाती है कि क्षमा और करुणा हर रिश्ते को मजबूत बनाते हैं। इस पवित्र अवसर पर, विनम्रता हमारा मार्गदर्शन करे और दया व सद्भावना हमारे हर काम का आधार बनें। मिच्छामि दुक्कड़म्!”

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट किया, “पर्युषण पर्व और संवत्सरी के पावन अवसर पर, आइए हम जाने-अनजाने में अपने विचारों, शब्दों या कार्यों से किसी को भी पहुंचाई गई ठेस के लिए सभी से क्षमा मांगें। सभी को मिच्छामि दुक्कड़म!” दिल्ली सरकार मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने एक्स पर लिखा, “क्षमा, करुणा और आत्मशुद्धि का संदेश देने वाले पावन पर्व संवत्सरी पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह पावन अवसर हमारे जीवन में प्रेम, सद्भाव और आत्मचिंतन की भावना को और प्रगाढ़ करे तथा सभी के लिए सुख, शांति एवं मंगल लेकर आए। मिच्छामि दुक्कड़म्।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने एक्स पोस्ट में कहा, “समस्त देशवासियों को संवत्सरी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान महावीर स्वामी जी के सत्य, अहिंसा, करुणा, संयम और क्षमा के शाश्वत संदेश हमें आत्मचिंतन, आत्मशुद्धि एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। संवत्सरी का यह पावन पर्व हमारे जीवन में क्षमा, मैत्री, प्रेम और शांति की भावना को और प्रगाढ़ करे तथा हम सभी को परस्पर सौहार्द एवं सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे, यही मंगलकामना है। मिच्छामि दुक्कड़म्।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर लिखा, “समस्त देश व प्रदेशवासियों को संवत्सरी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! भगवान महावीर स्वामी जी के सत्य, अहिंसा, करुणा, संयम एवं क्षमा के संदेश हम सभी को आत्मचिंतन और सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। यह पावन पर्व समाज में प्रेम, शांति एवं मैत्री की भावना को और प्रगाढ़ करे, यही कामना है।”

Leave feedback about this

  • Service