दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना को बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि कानून का पालन होना चाहिए, कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
संजय सरावगी ने कहा कि वह जमाना गया जब संप्रदाय या जाति के आधार पर लोगों को प्रोटेक्शन दिया जाता था। अब निश्चित रूप से अगर आपने अतिक्रमण किया है और कोर्ट का कोई निर्देश है, तो आपको हटाना ही पड़ेगा। कानून का पालन करना पड़ेगा। कानून से बड़ा कोई नहीं है। देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शासन है, इसलिए कानून का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह जमाना गया जब वोट के नाम पर किसी विशेष संप्रदाय को प्रोटेक्ट किया जाता था। अब ऐसा नहीं है। पुलिस पर भी हमला किया गया है और यह किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो पत्थरबाजी हुई है, उस पर सरकार कार्रवाई भी करेगी और किसी हालत में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
संजय सरावगी ने जेएनयू में लगाए गए विवादित नारों पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये लोग पाकिस्तानी मानसिकता वाले हैं, जो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को पसंद नहीं करते, लेकिन उनके विरोध से कुछ नहीं होगा। देश और विश्व के अधिकांश लोग आज पीएम मोदी को विश्व नेता के रूप में मानते हैं। ऐसे नारे लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। केवल एफआईआर से काम नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि ये देश विरोधी लोग हैं, जिन्हें भारत माता के वैभव से ऐंठन है। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई अनिवार्य है।
संजय सरावगी ने मधुबनी कांग्रेस ऑफिस में हुई झड़प पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वहां आपस में सिर फुटौव्वल और झगड़ा चल रहा है। कांग्रेस में लोग व्यक्तिगत स्वार्थ से प्रेरित होकर काम करते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्र प्रथम की भावना से काम होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में आपस में झगड़े होते रहेंगे, लेकिन बीजेपी में राष्ट्र को प्रथम मानकर काम किया जाता है।

