चंबा के एक दूर-दराज के गांव की लंबी दूरी की रनर सीमा कुमारी ने सोमवार शाम को सगाई कर ली। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर अपनी सगाई की तस्वीरें शेयर कीं, और कैप्शन में लिखा, “ज़िंदगी का एक नया चैप्टर, ज़िंदगी का एक अहम फैसला।”उनकी सगाई अमन चौधरी से हुई है, जो मंडी के रहने वाले हैं और 5,000-मीटर और 10,000-मीटर रेस में स्टेट-लेवल एथलीट थे, ये वही इवेंट हैं जिनमें सीमा हिस्सा लेती हैं।
सीमा ने कहा, “हम एक-दूसरे को पिछले नौ सालों से जानते हैं। इतने सालों में वह मैदान पर और मैदान के बाहर मेरे लिए बहुत बड़ा सपोर्ट रहे हैं।” एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज़ मेडलिस्ट ने कहा कि वे स्पोर्ट्स के मैदान पर मिले और धीरे-धीरे एक-दूसरे को जानने और समझने लगे।
सीमा ने कहा कि अमन ने फोरेंसिक डिपार्टमेंट में नौकरी करने से पहले स्टेट लेवल पर कॉम्पिटिशन किया था। उन्होंने कहा, “लेकिन, उसने मुझे मेरे सपनों को पूरा करने के लिए सपोर्ट और हिम्मत देना जारी रखा।”
सीमा ने करीब दस साल पहले दौड़ना शुरू किया था और तब से वह नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर रेगुलर मेडल जीतती रही हैं। एशियन गेम्स में 10,000 मीटर रेस में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने के बाद वह मशहूर हुईं। वह एशियन गेम्स में एथलेटिक्स मेडल जीतने वाली हिमाचल प्रदेश की पहली महिला बनीं, इससे 40 साल पहले सुमन रावत ने 1986 के एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था।
सगाई के बावजूद सीमा ने कहा कि खेल उनकी पहली प्राथमिकता बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे ज़रूरी इवेंट्स आने वाले हैं। हो सकता है हम इन इवेंट्स से पहले या बाद में शादी कर लें, लेकिन मेरी स्पोर्ट्स जर्नी जारी रहेगी। अगले कुछ सालों के लिए स्पोर्ट ही प्रायोरिटी है।”

