January 12, 2026
Entertainment

सेल्वाराघवन ने बताया जीवन का कड़वा सच, कहा- ‘दूसरों की परेशानियों से लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता’

Selvaraghavan reveals the harsh truth of life, saying, “People don’t care about the problems of others.”

तमिल निर्देशक और अभिनेता सेल्वाराघवन हमेशा से चुनौतीपूर्ण फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनका हर कदम चर्चा में रहता है। वे सिर्फ फिल्मी दुनिया के लिए ही नहीं बल्कि अपने विचारों के लिए भी काफी मशहूर हैं।

रविवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जीवन को लेकर अपनी राय साझा की। सेल्वाराघवन ने लिखा कि अक्सर लोग सोचते हैं कि अपनी परेशानियां दूसरों के सामने साझा करने से उन्हें शांति मिलेगी, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता। उनका मानना है कि लोग वास्तव में दूसरों की परेशानियों में कोई दिलचस्पी नहीं रखते और केवल दिखावे के लिए कुछ शब्द कहकर चले जाते हैं।

सेल्वाराघवन ने अपने पोस्ट में लिखा, ”आप सोचते हैं कि अपनी परेशानियां किसी से बांटने से आपको राहत मिलेगी। मैं सच कह रहा हूं, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका काम सिर्फ कुछ शब्द कहना है और फिर वहां से चले जाना है। इसलिए खुद पर भरोसा रखें।”यह पहली बार नहीं है जब सेल्वाराघवन ने इस तरह की जीवन से जुड़ी सलाह साझा की हो। इससे पहले उन्होंने अपनी पोस्ट में ईश्वर की इच्छा और जीवन में आने वाली कठिनाइयों के बारे में लिखा था।

उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ”एक दिन अचानक जीवन में सब कुछ गलत होने लगेगा और ऐसा लगेगा कि सभी लोग आपको धोखा दे रहे हैं। ऐसी स्थितियों में शांत रहें, ऐसा करने से बड़ी परेशानी भी समय के साथ धुंध की तरह गायब हो जाएगी और सब ठीक हो जाएगा। जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ अस्थायी होती हैं और उन्हें ईश्वर की इच्छा के रूप में देखना चाहिए।”

सेल्वाराघवन अगले फिल्म प्रोजेक्ट ‘मणिथन देवमगलम’ में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन डेनिस मंजूनाथ कर रहे हैं, और सेल्वाराघवन ने फिल्म के लिए अपनी डबिंग भी पूरी कर ली है। यह फिल्म व्योम एंटरटेनमेंट के बैनर तले विजय सतीश द्वारा प्रोड्यूस की जा रही है।

फिल्म में सेल्वाराघवन और कुशी रवि मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा वाई.जी. महेंद्रन, माइम गोपी, कौसल्या, सतीश, दीपक, हेमा, लिर्थिका और एन. जोथी कानन जैसे कई अनुभवी कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी एक शांत और प्राकृतिक गांव के इर्द-गिर्द घूमती है। अचानक गांव में एक भयंकर त्रासदी आती है, जिससे गांव की शांति भंग हो जाती है। मुख्य पात्र को अपने लोगों को बचाने के लिए कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं, और उसके ये निर्णय उसे उस भूमि का देवता बना देते हैं।

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