कई महीनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने आधिकारिक तौर पर चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है। दरांग विधानसभा क्षेत्र से आठ बार विधायक रहे ठाकुर ने हरियाणा के रोहतक स्थित संत रामपाल के आश्रम में अपनी पत्नी के साथ आशीर्वाद लेने के दौरान इस फैसले की पुष्टि की।
आश्रम में हुई बातचीत के दौरान ठाकुर ने कहा कि चार दशकों से अधिक के लंबे राजनीतिक करियर के बाद उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। चार बार कैबिनेट मंत्री रह चुके, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और दो बार हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके ठाकुर ने कहा कि अब समय आ गया है कि युवा नेताओं को मौका दिया जाए।
बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि वे अब विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे संगठन के लिए काम करना जारी रखेंगे और 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में दरांग विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के नए उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ठाकुर की इस घोषणा से राज्य कांग्रेस के भीतर दरांग में उत्तराधिकार योजना को लेकर चर्चा शुरू होने की उम्मीद है। दरांग वह निर्वाचन क्षेत्र है जिसका उन्होंने आठ कार्यकाल तक प्रतिनिधित्व किया है और जहां वे पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रहे हैं।

