11 मई । हिंदी-कन्नड़ फिल्म ‘सितंबर-21’ कान्स फिल्म फेस्टिवल पर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। अभिनेत्री प्रियंका उपेंद्र अल्जाइमर रोग और देखभाल करने वालों की भावनात्मक कहानी पर आधारित फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आएंगी।
हाल ही में अभिनेत्री और फिल्म के निर्देशक करेन क्षिति सुवर्णा ने आईएएनएस के साथ बातचीत की। इस दौरान निर्देशक ने टाइटल को फिल्म की आत्मा बताया। उन्होंने कहा, “फिलहाल मैं फिल्म की गहराई के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता, लेकिन इतना कहना चाहूंगा कि फिल्म की तारीख का असली महत्व दर्शकों को फिल्म देखने के बाद ही समझ में आएगा।”
फिल्म के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने पर अभिनेत्री ने कहा कि भारतीय सिनेमा सत्यजीत रे के समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वाहवाही बटोर रहा है। उन्होंने कहा, “फिल्म का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना निश्चित रूप से हम सभी का हौसला बढ़ाती है, लेकिन एक कलाकार होने के नाते मेरे लिए सबसे जरूरी कंटेंट की क्वालिटी और अभिनय की ईमानदारी है। हम केवल पुरस्कारों के लिए नहीं, बल्कि अपनी रचनात्मकता को साबित करने के लिए काम करते हैं। अगर कहानी सच्ची है, तो वह हर भाषा और देशों के दर्शकों के दिलों तक पहुंचती है।”
अभिनेत्री ने कहा, “यह एक वैश्विक मंच है और इतने महत्वपूर्ण विषय के साथ भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करना एक सम्मान की बात है। वहां के दर्शक बहुत संवेदनशील होते हैं और वे सार्थक कहानियों की सराहना करते हैं। मेरा कान्स के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव भी है। बंगाल से होने के नाते मैं बचपन से ही यह सुनती आई हूं कि सत्यजीत रे को वहां अंतरराष्ट्रीय पहचान कैसे मिली थी। इसलिए, यह पल मुझे बहुत खास लग रहा है। यह मेरे लिए एक नया अनुभव है और मैं इसके लिए सचमुच बहुत उत्साहित हूं।
शूटिंग के दौरान भावनात्मक अनुभवों को साझा करते हुए अभिनेत्री ने कहा, “इस फिल्म का हर पल मेरे लिए अहम था। मैं हर सीन से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ था। डायरेक्टर ने जो टीम बनाई थी, उसने इस अनुभव को और भी खास बना दिया। इतने टैलेंटेड को-एक्टर्स के साथ काम करने से हर सीन यादगार बन गया।”

