वन्यजीव विभाग ने यमुनानगर जिले के फैजपुर गांव के पास स्थित कालेसर राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र में सात गहरी, टेढ़ी-मेढ़ी खाइयां खोदी हैं। यह कार्रवाई खनन माफिया द्वारा गांव के पास बहने वाली यमुना नदी से रेत और बजरी के अवैध खनन के लिए पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने वाले कुछ रास्तों का उपयोग करने के आरोपों के बाद की गई है।
इन खाइयों का उद्देश्य उन वाहनों की आवाजाही को रोकना है जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नदी से रेत, बजरी और पत्थरों के अवैध खनन के लिए किया जाता है, खासकर रात के समय।
विभाग ने इस वर्ष मई में पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र के कुछ मार्गों पर खाइयाँ खोदी थीं। हालांकि, खबरों के अनुसार, वैकल्पिक रास्तों से अवैध खनन जारी रहा, जिसके चलते अधिकारियों को निवारक उपायों को तेज करना पड़ा।
कालेसर राष्ट्रीय उद्यान के उप रेंजर (वन्यजीव) उमेश भट्टी ने बताया कि फैजपुर गांव के पास यमुना नदी का इलाका पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र में आता है, जहां खनन सख्त वर्जित है। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए कई स्थानों पर सात गहरी टेढ़ी-मेढ़ी खाइयां खोदी गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि विभाग कालेसर राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र की रक्षा करने और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भट्टी ने कहा, “यमुना नदी की ओर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। कड़ी निगरानी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले या अवैध खनन में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


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