राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनी राम शांडिल और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर की गई टिप्पणियों को “राजनीति से प्रेरित” और “तथ्यात्मक रूप से निराधार” बताया। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां भाजपा के शासन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण और राज्य में घटते समर्थन आधार को लेकर बढ़ती हताशा को दर्शाती हैं।
मंत्रियों ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना राज्य में लागू की जा रही है, जिसमें केंद्र सरकार 90 प्रतिशत धनराशि का योगदान दे रही है और राज्य सरकार शेष 10 प्रतिशत वहन कर रही है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने 2021 से 2026 की अवधि के लिए योजना के तहत राज्य को देय 112 करोड़ रुपये जारी नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान, 2023 से इस योजना के तहत लगभग 2.85 लाख लोगों का इलाज किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत 420 करोड़ रुपये है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य के लिए निर्धारित लगभग 60 करोड़ रुपये के मुकाबले सरकार ने अतिरिक्त खर्चों को पूरा करने के लिए अपने संसाधनों से 203 करोड़ रुपये जुटाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत 360 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। हालांकि, उन्होंने आगे कहा कि धनराशि का एक बड़ा हिस्सा अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण कई अवसंरचना परियोजनाएं अधूरी रह गई हैं।

