स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल ने गुरुवार को कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव और युवाओं की ऊर्जा मिलकर एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर शिमला के गैयटी थिएटर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को बोझ नहीं बल्कि अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण स्रोत समझना चाहिए।
शांडिल ने बताया कि राज्य सरकार लगभग 60 वर्ष से अधिक आयु के 6.62 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी आय सीमा के सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रही है, जिस पर सालाना लगभग 1,400 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पिछले साढ़े तीन वर्षों में इस योजना के अंतर्गत 99,779 नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है।
मंत्री जी ने बताया कि राज्य में 12 वृद्धाश्रम, 22 डे केयर सेंटर और पांच वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र कार्यरत हैं, जो आवास, भोजन, स्वास्थ्य सेवा और मनोरंजन की सुविधाएं प्रदान करते हैं। वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े घरेलू हिंसा के मामलों और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 14567 उपलब्ध है।
उन्होंने बच्चों को खेलकूद, संगीत, विज्ञान, कला, पर्वतारोहण और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में शामिल करके उन्हें नशे से बचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने और उन्हें सकारात्मक राहों की ओर मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।
शांडिल ने बुजुर्ग लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि युवा पीढ़ी उन्हें प्रौद्योगिकी का सुरक्षित रूप से उपयोग करने में मदद कर सकती है। सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण विभाग के निदेशक सुमित खिमता ने स्वागत भाषण दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पदयात्रा और स्थानीय उत्पादों के स्टॉल भी आयोजित किए गए। समाज में योगदान देने वाले कई व्यक्तियों और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।

