September 28, 2026
Entertainment

शंकर महादेवन ने सुनाया ‘दिल चाहता है’ के ‘कोई कहे’ की रिकॉर्डिंग का दिलचस्प किस्सा

फिल्म ‘दिल चाहता है’ का गाना ‘कोई कहे’ आज भी लोगों के बीच उतना ही पॉपुलर है, जितना अपनी रिलीज के वक्त था। शंकर महादेवन, शान और सिंगर केके की आवाज में रिकॉर्ड हुआ यह गाना अपनी एनर्जी के लिए जाना जाता है। अब शंकर महादेवन ने इस गाने की रिकॉर्डिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि गाने के तीनों सिंगर ने इसे एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग रिकॉर्ड किया था। तीनों ने पूरा गाना गाया था और बाद में पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान उनके हिस्सों को अलग करके एक साथ जोड़ा गया।

एक वीडियो में शंकर महादेवन अपने साथी कंपोजर्स एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। उनके साथ सिंगर शान भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान जब होस्ट ने उनसे पूछा कि ‘कोई कहे’ की रिकॉर्डिंग के समय क्या सभी लोग एक ही बूथ में साथ गाना रिकॉर्ड कर रहे थे, तो शान ने कहा, ”मुझे लगता है कि हम सभी उस कमरे में साथ थे लेकिन हमने अलग-अलग रिकॉर्ड किया था। केके भी वहां थे। अगर आप गाना सुनेंगे तो आपको पता नहीं चलेगा कि इसे अलग-अलग रिकॉर्ड किया गया था। इसमें कुछ ऐसा है, जिससे लगता है कि हम सभी साथ में गा रहे थे।”

इसके बाद शंकर महादेवन ने रिकॉर्डिंग का पूरा तरीका बताते हुए कहा, ”दरअसल, हम सभी ने पूरा गाना गाया था लेकिन बाद में जरूरत के हिसाब से हमारी आवाजों के हिस्से चुने गए। इसी वजह से गाने में तीनों की आवाजों का तालमेल इतना नेचुरल सुनाई देता है।”

एहसान नूरानी ने इस गाने की लोकप्रियता से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा, ”मुंबई के एक क्लब में एक बार ‘कोई कहे’ बजाया गया। मैं वहां डिनर कर रहा था और क्लब के दूसरे हिस्से में लोग डांस कर रहे थे। जैसे ही ‘कोई कहे’ बजा, वहां मौजूद लगभग सभी लोग डांस फ्लोर पर पहुंच गए। डांस फ्लोर इतना भर गया था कि वहां से निकलना तक मुश्किल हो गया था।”

उन्होंने बताया, ”गाना खत्म होने के बाद क्लब का डीजे मेरे पास आया और मजाकिया अंदाज में बोला- ‘यह सब आपकी गलती है’ दरअसल, डीजे का कहना था कि यह पहली बार था जब कोई हिंदी गाना इस तरह के वेस्टर्न क्लब में इतनी धूम मचा रहा है। उस समय एक दूसरी म्यूजिक कंपनी ने यहां तक कह दिया था कि यह एल्बम सिर्फ मालाबार हिल्स में बिकेगा।”

शंकर महादेवन ने उस दौर को याद करते हुए कहा, ”उस समय कई लोगों को लगता था कि क्लब में हिंदी गाने बजाना ‘कूल’ नहीं है। ‘दिल चाहता है’ का एल्बम इस सोच को बदलने वाले शुरुआती एल्बमों में से एक था। फिल्म के गाने खास तौर पर युवाओं के बीच तेजी से पॉपुलर हुए और ‘कोई कहे’ क्लब और पार्टी कल्चर का भी हिस्सा बन गया।”

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