पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने मंगलवार को केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को 15 अगस्त से पहले पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का आग्रह किया और कहा कि इस निर्णय के लिए इससे बेहतर समय कोई नहीं हो सकता। पालमपुर में जारी एक बयान में शांता कुमार ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए सात साल हो चुके हैं और तब से जम्मू-कश्मीर में निरंतर विकास हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, जिसमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में घोषणा की थी कि जम्मू और कश्मीर को उचित समय पर पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए उचित समय पर जम्मू और कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा, “जम्मू और कश्मीर में शांतिपूर्ण विधानसभा चुनावों ने यह साबित कर दिया है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
शांता कुमार ने कहा कि इन घटनाक्रमों के बावजूद, केंद्र सरकार ने अभी तक जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया है, जिससे लोगों में असंतोष और केंद्र शासित प्रदेश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा, “कश्मीर भारत का मुकुट है। अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया गया है और लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक चुनावों में भाग लिया है। ऐसे में जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने से इनकार करना इस क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय और अनुचित व्यवहार है।”
शांता ने केंद्र से आग्रह किया कि वह 15 अगस्त से पहले जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की घोषणा करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को घोषणा करने के बाद कश्मीर का दौरा करना चाहिए और इस अवसर पर लोगों को बधाई देनी चाहिए।

