केरल विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस हाईकमान द्वारा बुलाई गई अहम बैठक में कांग्रेस सांसद शशि थरूर शामिल नहीं होंगे। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, थरूर हाल ही में कोच्चि में आयोजित महापंचायत कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम से नाराज हैं और इसे उन्होंने अपने अपमान के रूप में देखा है।
सूत्रों के अनुसार, शशि थरूर को महापंचायत के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर आपत्ति थी, जिसे वे प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं मानते। बताया जा रहा है कि उन्हें कार्यक्रम स्थल पर 15 मिनट पहले पहुंचने और अपना भाषण जल्दी खत्म करने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें यह भी बताया गया था कि उनके बाद केवल राहुल गांधी ही संबोधन करेंगे। हालांकि, बाद में ऐसा नहीं हुआ और राहुल गांधी के बाद 6 अन्य नेताओं ने भी भाषण दिए, जिनमें से कुछ नेता प्रोटोकॉल के लिहाज से थरूर से कनिष्ठ बताए जा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान शशि थरूर का नाम नहीं लिया, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। थरूर इसे पार्टी के भीतर उन्हें नजरअंदाज किए जाने के तौर पर देख रहे हैं।
गौरतलब है कि शशि थरूर और कांग्रेस की केरल राज्य इकाई के नेतृत्व के बीच पहले भी मतभेद सामने आ चुके हैं। हाल ही में वायनाड में हुई नेतृत्व बैठक के दौरान इन मतभेदों को सुलझा लिया गया था। उस बैठक के बाद कांग्रेस नेताओं और शशि थरूर की ओर से सार्वजनिक तौर पर कहा गया था कि पार्टी में कोई विवाद नहीं है। थरूर ने भी यह स्पष्ट किया था कि वे राज्य नेतृत्व के साथ मिलकर काम करेंगे।
राजनीतिक हलचल के बीच शशि थरूर शुक्रवार को कोझिकोड में आयोजित केरल लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा है कि पार्टी बैठक से उनकी दूरी और महापंचायत को लेकर असंतोष के संकेत से केरल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। कांग्रेस नेतृत्व की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

