उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश अब केवल बड़ा बाजार और जनशक्ति वाला राज्य नहीं, बल्कि अपने युवाओं, कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों की प्रतिभा के दम पर वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘बीमार प्रदेश’ की छवि से बाहर निकालकर ‘उत्सव प्रदेश’ बनाना बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को अपने पत्र में संबोधित करते हुए कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने जा रहा है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना और प्रदेश के कारीगरों, उत्पादकों तथा उद्यमियों की मेहनत को दुनिया के सामने पहचान दिलाना है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन इसी उद्देश्य के साथ वर्ष 2023 में शुरू किया गया था।
उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार ने प्रदेश की सेवा का दायित्व संभाला, तब उसके सामने सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में एक रोजगार सृजन था। आज उन्हें संतोष है कि अकेले एमएसएमई सेक्टर और ओडीओपी जैसी पहलों के माध्यम से चार करोड़ से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इसकी सफलता से प्रेरित होकर ही ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) जैसी नई पहल शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को ‘बीमार प्रदेश’ की छवि से बाहर निकालकर ‘उत्सव प्रदेश’ बनाना बड़ी चुनौती थी, लेकिन आज प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन है। निर्माण में प्रदेश की भागीदारी दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है। देश-विदेश के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं और 15 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर निवेश से निर्माण बढ़ता है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। इसका लाभ प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं को मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान केवल बाजार और जनशक्ति नहीं, बल्कि यहां के युवाओं के कौशल, कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों की प्रतिभा भी है। प्रदेश का युवा रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बने, प्रदेश सरकार ने इसी सोच के साथ युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोले हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप नीति-2026 और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी पहलें नवाचार, कौशल, उत्पाद विकास और बाजार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। आज उत्तर प्रदेश अपने उत्पादों के साथ अपने युवाओं की उद्यमशीलता को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचा रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो इसी सामर्थ्य को खरीदारों, निवेशकों और वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, नवोन्मेषकों और भावी उद्यमियों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि वे बड़ी संख्या में आएं, नए संपर्कों और नए बाजार को समझें तथा अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुरूप नए अवसर तलाशें। उन्होंने कहा कि उद्यमिता के प्रति जागरूकता के अभाव को दूर करते हुए अपने आसपास उपलब्ध अवसरों को पहचानना जरूरी है। युवाओं का जमीनी विचार एवं छोटा-सा प्रयास भी आने वाले समय में बड़े उद्यम का आधार बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के प्रयासों से स्थानीय सामर्थ्य वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा और इसी के बल पर उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए विकसित उत्तर प्रदेश के स्वप्न को साकार करेगा।


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