शिवसेना पार्टी के नेता संजय निरुपम ने बीएमसी चुनावों में महायुति की जीत के बाद उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) पर तीखी प्रतिक्रिया दी। संजय निरुपम ने कहा कि शिवसेना-यूबीटी ने मुंबई की जनता के फैसले का अपमान किया तो लोग उन्हें छोड़ेंगे नहीं।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में मेयर पद को लेकर कहा, “निश्चित तौर पर मुंबई का मेयर महायुति का होगा। यह आपका या हमारा फैसला नहीं है, यह मुंबई का फैसला है। मुंबई के लोगों और वोटर्स का फैसला है। वोटर्स ने साफ तौर पर तय कर लिया है कि पिछले 27 सालों से बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में जो भ्रष्ट शासन और भ्रष्टाचार चल रहा था, उसे जड़ से खत्म करना है।”
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए संजय निरुपम ने कहा, “मुंबई की जनता ने तय किया कि शिवसेना-यूबीटी के हाथों में महानगरपालिका की सत्ता नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें विपक्ष की कुर्सी पर बैठना चाहिए। अगर इस फैसले में टांग अड़ाने का काम शिवसेना-यूबीटी के नेता करते हैं तो उन्हें जनता माफ नहीं करेगी।”
शिवसेना नेता ने कहा कि राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव नतीजों से स्पष्ट है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी का अस्तित्व महाराष्ट्र में नगण्य हो गया है। शिवसेना-यूबीटी का मुंबई के बाहर सिर्फ नासिक, परभणी और चंद्रपुर में थोड़ा बहुत अस्तित्व बचा है। बाकी शहरों में यह पार्टी कहीं शून्य तो कहीं सिर्फ एक सीट के साथ बाहर हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना ने महानगरपालिका चुनावों में साबित किया है कि महाराष्ट्र में पार्टी का दबदबा है। पूरे महाराष्ट्र में 2,869 सीटों के लिए चुनाव हुए थे, जिसमें से 1,425 सीटों पर भाजपा पहली और 3,99 सीटें जीतकर शिवसेना राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। पूरे राज्य में शिवसेना-यूबीटी को महज 155 सीटें मिली हैं, जिसके साथ वह पांचवें नंबर की पार्टी बनी है।”

