19 जून । पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेतृत्व वाले एक और नगर निगम बोर्ड के भंग होने की स्थिति बन गई है। दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी नगर निगम (एसएमसी) के मेयर गौतम देव ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने अपना इस्तीफा एसएमसी आयुक्त अश्विनी कुमार रॉय को भेज दिया है। गौतम देव के इस्तीफे के साथ ही सिलीगुड़ी नगर निगम राज्य का चौथा ऐसा नगर निगम बन गया है, जिसका बोर्ड भंग होने की कगार पर पहुंच गया है।
इससे पहले कोलकाता नगर निगम (केएमसी), बिधाननगर नगर निगम (बीएमसी) और चंदननगर नगर निगम (सीएमसी) के मेयर भी अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं। सबसे पहले बिधाननगर की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद कोलकाता के मेयर और चार बार के टीएमसी विधायक फिरहाद हाकिम ने पद छोड़ा। उनके बाद चंदननगर के मेयर राम चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा दे दिया।
जानकारी के अनुसार, गौतम देव ने गुरुवार को सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर-इन-काउंसिल के सदस्यों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई। हालांकि परिषद के कुछ सदस्यों ने उन्हें समझाने और अगले एक वर्ष तक कार्यकाल पूरा करने का आग्रह किया, लेकिन गौतम देव अपने फैसले पर अडिग रहे।
गौतम देव ने 2011 के विधानसभा चुनाव में दाबग्राम-फूलबाड़ी सीट से जीत दर्ज कर उत्तर बंगाल विकास विभाग के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। 2016 में दोबारा विधायक चुने जाने के बाद उन्हें राज्य का पर्यटन मंत्री बनाया गया।
हालांकि 2021 के विधानसभा चुनाव में वह भाजपा उम्मीदवार शिखा चटर्जी से हार गए थे। इसके बावजूद 2022 के सिलीगुड़ी नगर निगम चुनाव में उनके नेतृत्व में टीएमसी ने जीत हासिल की और वह मेयर बने। वहीं 2026 के विधानसभा चुनाव में सिलीगुड़ी सीट से चुनाव लड़ने पर उन्हें भाजपा उम्मीदवार और वर्तमान पश्चिम बंगाल के संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष के हाथों हार का सामना करना पड़ा।


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