पंजाब के मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि मोहाली वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाला सिसवान-मिर्जापुर वन क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे जंगलों, मनोरम दृश्यों और निगरानी मीनारों के कारण एक प्रमुख पर्यावरण-पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि सिसवान बांध पर नौका विहार की सुविधा, अच्छी तरह से सुसज्जित कैंटीन और तीन इको-हट्स पर्यटकों को एक अद्भुत अनुभव प्रदान कर रहे हैं, वहीं वन विभाग अधिक प्रकृति पथ और ट्रेकिंग मार्ग विकसित कर रहा है, जो जल्द ही जनता के लिए खुल जाएंगे।
वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री ने गुरुवार को कहा कि 5 किलोमीटर लंबा सिसवान-मिर्जापुर नेचर ट्रेक, जिसे पूरा करने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरे-भरे जंगलों, मनोरम दृश्यों और निगरानी टावरों के कारण पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 25 दिसंबर को सिसवान बांध पर प्रकृति जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया था, जिसमें साइकिलिंग प्रतियोगिता के बाद ट्रेकिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि नई पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण की भावना पैदा करने के लिए सिसवान प्रकृति जागरूकता शिविर में स्कूली बच्चों के नियमित शैक्षिक दौरे भी आयोजित किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि वन विभाग लगातार प्रकृति संरक्षण, जिम्मेदार पर्यावरण पर्यटन, पर्यावरण शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि वनों पर निर्भर गांवों में आजीविका के अवसरों को बढ़ाने के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामुदायिक विकास पहलों के तहत, सिसवान, गोचर और नाडा गांवों के स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए कपड़े के थैले बनाने, सिलाई और अन्य कार्यों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


Leave feedback about this