राजधानी दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अभी फिलहाल मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में गर्मी में जरूर थोड़ी कमी आएगी और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।
हालांकि, इस बीच एक बड़ी चिंता की बात यह है कि वायु गुणवत्ता सूचकांक धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण आने वाले दिनों में लोगों को सांस संबंधी शिकायतें हो सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 23 सितंबर को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा में नमी का स्तर 85 से 55 प्रतिशत के बीच रहेगा। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। 24 सितंबर को भी मौसम लगभग इसी तरह का रहेगा। तापमान 35 और 24 डिग्री के आसपास रहेगा, हवा में नमी 85 से 55 प्रतिशत रहेगी और आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा।
25 सितंबर से मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी और अधिकतम तापमान 34 डिग्री तथा न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। 26 सितंबर को आसमान सामान्यतः बादलों से भरा रहेगा। तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद 27 और 28 सितंबर को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, इन दोनों दिनों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। तापमान गिरकर 32 डिग्री अधिकतम और 22 डिग्री न्यूनतम तक पहुंच सकता है। हवा में नमी 95 प्रतिशत तक रहेगी। हालांकि, बारिश के इन पूर्वानुमानों के बावजूद किसी भी दिन के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम में आ रही इस नमी और बादलों के बीच एक गंभीर समस्या वायु प्रदूषण की है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।
दिल्ली के आनंद विहार में एक्यूआई 168, अशोक विहार में 132, आया नगर में 114, बवाना में 193, बुराड़ी क्रॉसिंग में 135, कैंटोनमेंट एरिया में 84, चांदनी चौक में 224, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 150 और सीआरआरआई मथुरा रोड में 219 दर्ज किया गया है। वहीं, नोएडा की बात करें तो सेक्टर-125 में एक्यूआई 221, सेक्टर-62 में 174, सेक्टर-1 में 150 और सेक्टर-116 में 180 दर्ज किया गया। गाजियाबाद के गोविंदपुरम में 107, इंदिरापुरम में 178, लोनी में 189, संजय नगर में 146, वसुंधरा में 191 और वेद विहार-लोनी में 154 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।
वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 100 से ऊपर जाने का मतलब है कि हवा में प्रदूषण के कण बढ़ रहे हैं। यह स्थिति संवेदनशील समूहों जैसे बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए हानिकारक है। एक्यूआई के 200 के पार जाने पर यह और भी खतरनाक हो जाता है। चिकित्सकों के मुताबिक, बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक मौसम तो सामान्य और थोड़ा ठंडा रहेगा, लेकिन हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद कम है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

