June 19, 2026
Entertainment

‘राख’ में बिना डायलॉग वाले किरदार से छाईं सोनाली बेंद्रे, बोलीं- ‘खामोश रहकर भाव दिखाना सबसे बड़ी चुनौती’

Sonali Bendre shines in a non-speaking role in ‘Raakh’; says, “Conveying emotions while remaining silent was the biggest challenge.”

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इन दिनों एक नई वेब सीरीज ‘राख’ को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस सीरीज में कहानी, माहौल और अभिनय तीनों की काफी चर्चा हो रही है। खासकर अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे का किरदार लोगों का ध्यान खींच रहा है। लंबे समय बाद स्क्रीन पर वापसी करने वाली सोनाली ने इस बार एक ऐसे किरदार को निभाया है जिसमें डायलॉग्स बेहद कम हैं और पूरा अभिनय भावनाओं और खामोशी के जरिए दिखाया गया है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया कि यह किरदार उनके लिए कितना अलग और चुनौतीपूर्ण रहा। सोनाली बेंद्रे ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ”मेरे पास काम करने के लिए बहुत अच्छा कंटेंट था। सच कहूं तो मेरा 50 प्रतिशत से ज्यादा काम पहले हो गया था। कहानी ने मुझे इतना मजबूत आधार दिया कि मुझे अपने किरदार को गढ़ने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी।”

सोनाली ने कहा, ”मेरे किरदार में डायलॉग्स न होना एक अलग अनुभव था। अब मेरी पहले जैसी याददाश्त नहीं रही, इसलिए लंबे डायलॉग याद करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन इस किरदार में इसकी जरूरत ही नहीं थी। मेरे लिए यह बात एक तरह से आसान भी साबित हुई, क्योंकि पूरा फोकस सिर्फ भावनाओं पर था, लेकिन बिना डायलॉग के अभिनय करना उतना आसान नहीं होता जितना दिखता है। इस तरह के किरदार में हर भावना को अंदर से महसूस करना पड़ता है और उसे चेहरे, आंखों और छोटे-छोटे इशारों से जाहिर करना होता है। यह एक अलग तरह की मेहनत है, जहां कलाकार को शब्दों का सहारा नहीं मिलता।”

सोनाली बेंद्रे ने आगे कहा, ”मेरे किरदार में एक संघर्ष था, जब आप ऐसे किसी किरदार को बहुत गहराई से जीते हैं, तो उसे छोड़ना आसान नहीं होता। कई बार शूटिंग खत्म होने के बाद भी मैं उस किरदार की भावनाओं से बाहर नहीं निकल पाती थी। कभी-कभी मेरा किरदार मेरे साथ घर तक चला आता था, जो थोड़ा डरावना और थकाने वाला अनुभव था।”

सीरीज ‘राख’ एक क्राइम थ्रिलर है, जिसकी कहानी 1970 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इस सीरीज को दर्शक ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।

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