भिवंडी से समाजवादी पार्टी के विधायक रईस कासम शेख ने महाराष्ट्र पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी है। उन्होंने पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाने का आरोप लगाया है और अखिलेश यादव को पत्र लिखकर राज्य में पार्टी के अस्तित्व को बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है। अब इस मुंबई सपा की तरफ से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक पत्र लिखा गया है, जिसमें रईस शेख पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
समाजवादी पार्टी की मुंबई ईकाई की तरफ से जारी पत्र में कहा गया कि 2019 में जब रईस कासम शेख पहली बार सपा के विधायक बने। इसके बाद उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के संगठन की जिम्मेदारी की मांग प्रदेश अध्यक्ष से की, लेकिन इसे अमान्य कर दिया गया। वरिष्ठ नेताओं के कहने पर उनके विधानसभा क्षेत्र भिवंडी पूर्व के संगठन की पूरी जिम्मेदारी उन्हें दे दी गई।
संगठन की जिम्मेदारी मिलते ही विधायक ने सभी पुराने कार्यकर्ताओं को न केवल दरकिनार किया बल्कि सदैव भिवंडी पश्चिम के संगठनात्मक कार्यों में भी असहयोग किया। सन 2024 में पार्टी ने रईस कासम शेख को दोबारा अवसर दिया और दूसरी बार भी वे समाजवादी पार्टी के विधायक के रूप में चुने गए।
जब वे दूसरी बार विधायक बने, तो वे अपने विधानसभा क्षेत्र के संगठन के साथ-साथ निकट भविष्य में होने वाले महानगर पालिका चुनाव हेतु नगरसेवकों के टिकट वितरण सहित पूरे चुनाव की जिम्मेदारी की मांग करने लगे। प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के हितों को ध्यान में रखते हुए आगामी महानगर पालिका चुनाव के लिए समन्वय समिति स्थापित की और पार्टी हित में निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी।
पत्र में कहा गया कि समन्वय समिति के गठन के बाद विधायक ने समिति की सभी बैठकों में हिस्सा लिया। प्रत्याशियों के चयन में वे सक्रिय रहे। महानगर पालिका चुनाव में पर्चा दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर 2025 से दो दिन पहले, 28 दिसंबर की शाम से ही विधायक के रुख में आश्चर्यजनक परिवर्तन हुआ और उन्होंने पार्टी के संभावित प्रत्याशियों से सपा का टिकट (फार्म ए-बी) लेकर उसे खराब किया और कांग्रेस/एनसीपी के साथ षड्यंत्र रचने लगे।
उन्होंने सपा के कई मजबूत प्रत्याशियों को कांग्रेस/एनसीपी से उम्मीदवारी दिलवाने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार-प्रसार किया। मुंबई महानगरपालिका के जिन वार्डों से पहले रईस कासम शेख नगरसेवक रहे, उनमें वार्ड क्रमांक 136 से एमआईएम तथा वार्ड क्रमांक 211 से अपने प्रत्याशी को कांग्रेस का टिकट दिलवाकर पार्टी के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं।
पत्र में कहा गया है कि महानगर पालिका चुनाव को निष्पक्ष संपन्न करवाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष द्वारा गठित समन्वय समिति के साथ प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें स्वतंत्र रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया गया और प्रदेश अध्यक्ष या अन्य किसी पदाधिकारी का कोई दबाव नहीं रहा। यह पत्र सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लिखा गया है और उन्हें इससे अवगत कराया गया है।

