July 22, 2026
National

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात पर सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा- ‘हमारी मांगें पूरी करेंगे, तभी हमें बुलाइए’

Speaking on the meeting with Union Minister JP Nadda, CJP chief spokesperson Saurav Das said, “Invite us only when our demands are met.”

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। इसी बीच सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमारा समय कीमती है और हम केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से तभी मुलाकात करेंगे, जब वे हमारी मांगों को पूरा करने के लिए मानेंगे।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दूसरी बार बातचीत के लिए बुलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “हमने साफ तौर पर कह दिया है कि हम घर या ऑफिस नहीं आ रहे हैं। पहली मुलाकात में हमें चार घंटे रोके रखा गया था। हमारी तरफ से कहा गया है कि अगर हमारी मांगें पूरी करेंगे, तभी हमें बुलाइए।”

सौरव दास ने पीएम आवास के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और उनका कर्तव्य प्रदर्शन करना है। उन्होंने जिस तरह से विरोध-प्रदर्शन किया, उससे हम बहुत खुश हैं। विरोध होना चाहिए। हम सभी का एक ही मुद्दा है कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार की ओर से जवाबदेही तय होनी चाहिए। शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना होगा, यही हमारी मुख्य मांग है।

प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्रकारों, पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमलों के सवाल पर सौरव दास ने कहा कि 20 जुलाई को सबसे ज्यादा पुलिस की ओर से ही लाठियां चलाई गईं।

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में इतने सालों में ऐसा पहली बार हुआ। जिस तरह दहशतगर्दी की गई, बच्चों के सिर पर चोटें आईं। कुछ लोग सेल्फ डिफेंस में धक्का-मुक्की कर रहे होंगे, लेकिन हम स्पष्ट कर देते हैं कि ऐसे प्रदर्शन में हिंसा की कोई जगह नहीं है। जो हिंसा कर रहे हैं, पुलिस को उन्हें हटाना चाहिए। क्योंकि, हमारे प्रदर्शन में हिंसा की कोई जगह नहीं है।”

उन्होंने कहा कि मीडिया हमें टारगेट करने के लिए बैठी है। हमारे युवा पढ़े-लिखे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि हिंसा हमारे आंदोलन को कमजोर कर सकती है।

आम आदमी पार्टी की बी-टीम बताए जाने पर सौरव दास ने कहा, “हमें तो कुछ लोगों ने आतंकवादी भी कहा है, तो हमें अरेस्ट कर लेना चाहिए। लेकिन, देश के 65 प्रतिशत युवा जानते हैं कि सच क्या है। युवा हमें भरपूर समर्थन दे रहे हैं। यहां लोगों के बिना किसी अपील के खाना-पानी पहुंचाया जा रहा है।”

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “पैसे लेकर जो लोग सोशल मीडिया पर हमारे खिलाफ पोस्ट कर रहे हैं, वे अपना काम करते रहें। हम किसी का रोजगार खत्म नहीं करना चाहते।”

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