N1Live National खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, जीवन में अनुशासन और संघर्ष की सीख भी है : ओडिशा सीएम
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खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, जीवन में अनुशासन और संघर्ष की सीख भी है : ओडिशा सीएम

Sports is not just about winning and losing, it is also a lesson in discipline and struggle in life: Odisha CM

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि खेल सिर्फ पदक जीतने, रिकॉर्ड बनाने या हार-जीत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, टीमवर्क और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने का भी सबसे बड़ा माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री रविवार को राज्य के खेल एवं युवा सेवा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पहली बार आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में खेलों के भविष्य के विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप और मजबूत कार्ययोजना तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल विशेषज्ञों, प्रशासकों और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया तथा ओडिशा में खेलों के विकास और नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफल मेजबानी के कारण ओडिशा को अब वैश्विक स्तर पर एक विशेष पहचान मिल चुकी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 में ओडिशा में वर्ल्ड एथलेटिक्स और एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा राज्य ने पिछले वर्ष वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर ब्रॉन्ज प्रतियोगिता की सफल मेजबानी की थी, जबकि इसी वर्ष इस प्रतियोगिता के सिल्वर स्तर के आयोजन की मेजबानी भी ओडिशा करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भुवनेश्वर के गोठापटना में लगभग 1,000 करोड़ रुपए की लागत से एक अत्याधुनिक बहुउद्देशीय खेल परिसर विकसित किया जा रहा है। वहीं, जमीनी स्तर पर खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यभर के ब्लॉक स्तर पर 4,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से आधुनिक बहुउद्देशीय स्टेडियम बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ट्रॉफी कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने ‘हैप्पी कोच, हैप्पी एथलीट और हैप्पी अचीवर्स’ की अवधारणा का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री माझी ने विश्वास जताया कि खेल क्षेत्र वर्ष 2036 तक ‘समृद्ध ओडिशा’ और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले वर्षों में ओडिशा केवल खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय चैंपियन खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए भी जाना जाएगा।

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