श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के इंटर्नशिप और सोशल आउटरीच सेंटर ने गांव माधोपाल में एक सप्ताह का सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें छात्रों के बीच सामुदायिक जुड़ाव, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. गगनदीप तिवाना ने बताया कि विद्यार्थियों ने जागरूकता वार्ता, जनसांख्यिकी सर्वेक्षण, स्वच्छता अभियान और ग्रामीणों के साथ संवाद सत्र जैसी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
इन गतिविधियों का उद्देश्य महत्वपूर्ण सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों का समाधान करना तथा विश्वविद्यालय और स्थानीय समुदाय के बीच संबंध को बढ़ाना था।
शिक्षा विभाग की प्रमुख डॉ. हरनीत बिलिंग ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी, टीमवर्क और सहानुभूति जैसे मूल्यों को विकसित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें समस्या-समाधान कौशल विकसित करने और ग्रामीण जीवन की बेहतर समझ हासिल करने के लिए व्यावहारिक अनुभव मिले।
अकादमिक मामलों के डीन प्रोफेसर सुखविंदर सिंह बिलिंग ने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इस तरह की पहल सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिकों और सामाजिक आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील भविष्य के शिक्षकों को आकार देने में सहायक होती है।
कुलपति प्रो. प्रीतपाल सिंह ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह अकादमिक उत्कृष्टता और सामाजिक पहुंच के माध्यम से समग्र विकास के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल समुदायों को सशक्त बनाने और छात्रों को सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार करने के विश्वविद्यालय के मिशन के अनुरूप है।
कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के योगदान के लिए आभार व्यक्त करने के साथ हुआ, जिसमें समुदाय पर इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला गया। इस पहल ने सामुदायिक संबंधों को सफलतापूर्वक मजबूत किया और सामाजिक उत्थान और समावेशी शिक्षा के प्रति विश्वविद्यालय के समर्पण की पुष्टि की।
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