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90 के दशक में स्टार एक्टर्स उड़ाते थे मेरा मजाक, 34 साल बाद मिला मुकाम: रवि किशन

Star actors used to make fun of me in the 90s; I achieved success after 34 years: Ravi Kishan

अभिनेता और राजनेता रवि किशन ने अपने कठिन समय, संघर्षों और सब्र भरे सफर को याद करते हुए बताया कि 90 के दशक में जो एक्टर्स स्टार बन रहे थे, वे अक्सर उनका मजाक उड़ाते थे और उन्हें नजरअंदाज करते थे।

रियलिटी शो ‘अलायंस’ में साथी कंटेस्टेंट्स से बात करते हुए, जिसमें वे खुद भी एक कंटेस्टेंट हैं, रवि ने बड़ी पहचान मिलने से पहले के अपने कई दशकों के सफर के बारे में बताया। रवि ने कहा, “अपनी जिंदगी में मैं ऐसे कई लोगों से मिला जो पहले मेरा मजाक उड़ाते थे। वे 90 के दशक में स्टार बन रहे थे और मैं उन्हें आगे बढ़ते हुए देख सकता था।”

एक्टर ने बताया कि उन्होंने इंडस्ट्री के लिए खुद को तैयार करने में कई साल बिताए और हर वो हुनर ​​सीखा जो एक एक्टर में होना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मेरी आवाज अच्छी थी। मुझे घुड़सवारी, एक्शन, उर्दू, हिंदी सब आती थी। मैंने थिएटर किया और डांस भी सीखा था। मैं पूरी तरह तैयार था। इसके बावजूद, मैं पीछे रह गया जबकि बाकी सब आगे बढ़ गए। मैं खुद से कहता रहता था कि अगर उनका समय आया है, तो मेरा भी आएगा। हालांकि मुझे नहीं पता था कि मेरा समय 34 साल बाद आएगा।”

रवि किशन ने आगे कहा कि हालात तब बदले जब उनकी परफॉर्मेंस को जबरदस्त कामयाबी और तारीफ मिली। उन्होंने कहा, “फिर जो हुआ, वो 34 साल बाद हुआ। उस साल मैंने ‘बेस्ट एक्टर’ के सभी अवॉर्ड जीते। मैं उन स्टेज पर खड़ा हुआ जहां मुझे पहले कभी नहीं बुलाया गया था। लोग मुझे कभी नहीं बुलाते थे और सब मेरा मजाक उड़ाते थे। किसी को यकीन नहीं था कि मैं कुछ कर सकता हूं, लेकिन आज मैं यहां हूं।”

रवि किशन के सब्र, दृढ़ संकल्प और लगन से भरे सफर को सुनकर कंटेस्टेंट्स प्रेरित महसूस कर रहे थे और उनके रोंगटे खड़े हो गए थे।

रवि किशन की बात करें तो उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत 90 के दशक की शुरुआत में ‘पीतांबर,’ ‘आतंक,’ ‘आर्मी’ और ‘जख्मी दिल’ जैसी हिंदी फिल्मों से की थी। हालांकि उस दौरान वे कई बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स में नजर आए लेकिन भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री ने ही उन्हें सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक बना दिया।

‘सैयां हमार,’ ‘पंडित जी बताई ना बियाह कब होई’ और दूसरी भोजपुरी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ वे भोजपुरी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक बन गए। हाल के सालों में रवि ने हिंदी सिनेमा और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर शानदार परफॉर्मेंस देकर खुद को एक नए रूप में पेश किया है।

‘लापता लेडीज’ में उनके रोल को क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों से ही खूब तारीफ मिली और उन्होंने कई अवॉर्ड्स जीते। खाकी: द बिहार चैप्टर’ जैसी वेब सीरीज में उनके काम ने एक एक्टर के तौर पर उनकी अलग-अलग तरह के रोल निभाने की काबिलियत को और भी बेहतर ढंग से दिखाया।

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