धान की खरीद में अनियमितताओं की जांच करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, कैथल जिला प्रशासन ने अनाज बाजारों और कस्टम-मिल्ड राइस (सीएमआर) के लिए पंजीकृत चावल मिलों दोनों को कवर करते हुए एक अभियान शुरू किया है। इन उपायों में मिल मालिकों को ताजा धान आवंटित करने से पहले प्रत्येक मिल में मौजूदा स्टॉक का अनिवार्य भौतिक सत्यापन और गिनती, गेट-पास के आंकड़ों का बाजारों में वास्तविक आवक के साथ दैनिक मिलान, निरंतर सीसीटीवी निगरानी और मंडी-वार पर्यवेक्षण के लिए प्रथम श्रेणी के अधिकारियों की तैनाती शामिल है।
कैथल में गुरुवार को खरीद की समीक्षा करते हुए उपायुक्त अपराजिता ने कहा, “अधिकारियों को सभी अनाज बाजारों में लगे सीसीटीवी कैमरों तक पूरी पहुंच प्रदान करने का निर्देश दिया गया है ताकि चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा सके।” उन्होंने किसानों और आढ़तियों की शिकायतों को सुना और अधिकारियों को सुचारू खरीद और समय पर स्टॉक की ढुलाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तीन अलग-अलग नमी मीटरों का उपयोग करके धान के ढेरों में नमी की मात्रा की जाँच की, आधिकारिक तराजू पर एक बोरी का वजन किया, नियंत्रण कक्ष और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और मौके पर ही किसान का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करवाया। आढ़तियों की मांग पर उन्होंने मंडी में तैनात पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया।

