July 8, 2026
National

बिहार में पहले सुधरेगा छात्र-शिक्षक अनुपात, फिर होंगे तबादले: मिथिलेश तिवारी

Student-teacher ratio in Bihar to improve first, transfers to follow: Mithilesh Tiwari

8 जुलाई । बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बुधवार को गोपालगंज के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य के सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले और उनका भविष्य उज्ज्वल बने, यही उनकी प्रार्थना है। राज्य सरकार सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि थावे दुर्गा मंदिर बिहार की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सरकार मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मंदिर दर्शन के बाद मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज कलेक्ट्रेट परिसर में विभागीय समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं ताकि लोगों को कम समय में न्याय और समस्याओं का समाधान मिल सके।

उन्होंने बताया कि विभाग एक विस्तृत कार्ययोजना पर काम कर रहा है और आने वाले कुछ महीनों में पूरी पारदर्शिता के साथ सिंगल-विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके माध्यम से विभागीय मामलों और आम जनता की शिकायतों का त्वरित एवं व्यवस्थित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

शिक्षकों के तबादले के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्थानांतरण नीति को पूरी तरह लागू किया जा रहा है। इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और कुछ ही दिनों में तबादला कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात को संतुलित करना है। रैशनलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही व्यापक स्तर पर शिक्षकों का तबादला किया जाएगा।

निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार के रुख को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार अभिभावकों के शोषण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। इसके लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जा रही है। यह एसओपी सभी निजी विद्यालयों को भेजी जाएगी और उसका पालन अनिवार्य होगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इस विषय पर बेहद गंभीर हैं और सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।

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