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सुभाष घई ने जावेद सिद्दीकी को बताया ‘वर्सेटाइल लेखक’, बोले- ‘उनमें कला, कविता और साहित्य का संगम’

Subhash Ghai calls Javed Siddiqui a versatile writer, saying he is a blend of art, poetry and literature.

फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई अक्सर खास पोस्ट के साथ सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। उन्होंने खास पोस्ट के जरिए अपने दोस्त और हिंदी-उर्दू के लेखक जावेद सिद्दीकी को 84वें जन्मदिन की बधाई दी सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर हिंदी-उर्दू के लेखक जावेद सिद्दीकी को जन्मदिन की बधाई देने के साथ एक खूबसूरत पल की झलक भी दिखाई। उन्होंने जावेद सिद्दीकी को ‘सबसे वर्सेटाइल फिल्म और नाटक लेखक’ कहा, जिन्होंने कला, कविता और साहित्य का अनोखा संगम किया है।

सुभाष घई ने लिखा, “लेखक जनाब जावेद सिद्दीकी साहब को 84वें जन्मदिन की बधाई देना एक दुर्लभ और गर्मजोशी भरा पल है। वह सबसे वर्सेटाइल फिल्म और नाटक लेखक हैं, जिन्होंने सत्यजीत रे और श्याम बेनेगल की फिल्मों से लेकर यश चोपड़ा की डीडीएलजे और मेरी फिल्मों जैसे परदेस और ताल तक में काम किया है। यही नहीं, उन्होंने ‘तुम्हारी अमृता’ जैसे स्टेज प्ले और दर्जनों दूसरे यादगार नाटक लिखे हैं। नाटक लेखन के रूप में कला, कविता और साहित्य का एक दुर्लभ संगम है।”

जावेद सिद्दीकी का जन्म 13 जनवरी 1942 को उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ। उन्होंने उर्दू साहित्य में शिक्षा प्राप्त की और 1959 में मुंबई आकर पत्रकारिता शुरू की। साल 1977 में सत्यजीत रे की फिल्म ‘शतरंज के खिलाड़ी’ से डायलॉग लेखन की शुरुआत की। उसके बाद उन्होंने आर्ट फिल्मों और कमर्शियल सिनेमा दोनों में कमाल दिखाया। उनकी प्रमुख फिल्मों में सत्यजीत रे और श्याम बेनेगल की फिल्में शामिल हैं। उन्होंने उमराव जान से लेकर कोई मिल गया फिल्मों के लिए लेखन किया।

उनकी कमर्शियल हिट्स में बाजीगर, डर, ये दिल्लगी, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, राजा हिंदुस्तानी, परदेस, ताल और कोई मिल गया जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में हैं। सुभाष घई की परदेस और ताल में उनके डायलॉग्स ने खास जगह बनाई। नाटक लेखन में भी वे मशहूर हैं।

उनका सबसे प्रसिद्ध नाटक ‘तुम्हारी अमृता’ है, जो अमेरिकी प्ले लव लेटर्स का हिंदी-उर्दू अनुवाद है। यह नाटक शबाना आजमी और फारूक शेख के साथ लंबे समय तक चला और कल्ट क्लासिक बना। इसके अलावा उन्होंने और भी कई यादगार नाटक लिखे। वह आर्ट सिनेमा की गहराई और मेनस्ट्रीम के मनोरंजन दोनों को बखूबी संभालते हैं।

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