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पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन पर बोले सुभासपा के विधायक बेदीराम, छात्रों से ज्यादा भड़काने वाले लोग थे

Subhaspa MLA Bediram spoke on the paper leak protests, stating that there were more agitators inciting the situation than actual students.

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर सुभासपा के विधायक बेदीराम ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ ही छात्र थे, अधिकतर लोगों को बाहर से बुलाया गया था। बेदीराम ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जहां तक बच्चों की बात है, सरकार ने दोबारा परीक्षा आयोजित करवाई। छात्र पास हुए और अब खुशियां मना रहे हैं। मेरी समझ से प्रदर्शन में 20 से 25 प्रतिशत ही छात्र थे, बाकि 75 प्रतिशत लोगों को बाहर से बुलाया गया है।

उन्होंने कहा कि लोगों को भड़काना, अफवाह फैलाना, ये सब विपक्ष की साजिश थी। इस प्रदर्शन में छात्रों की संख्या बेहद कम थी। इसमें भड़काने वाले लोगों की संख्या अधिक थी। इसमें कार्रवाई भी उन लोगों पर होनी चाहिए। पेपर लेकर को लेकर बन रहे नए कानून पर बेदीराम ने कहा कि यह एक अच्छा कानून है। फास्ट ट्रैक जैसा कदम भी अच्छा है। इससे भविष्य में पेपर लीक पर रोक लगेगी और ऐसा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सकेगी।

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने कहा कि जो लोगों को भड़काएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ तेज प्रताप यादव ही नहीं, बल्कि जो भी आग में घी डालने का काम करे, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बीजेडी सांसद सुलता देव ने कहा कि यह जेन-जी की जीत है, छात्रों की जीत है और लोकतंत्र की जीत है। जेन-जी ने सरकार को मजबूर कर दिया, इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने वंदे मातरम् विधेयक पर भी बात करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर बैठे छात्र क्रांतिकारी आंदोलन चला रहे थे। वहां ‘वंदे मातरम्’ के नारे लग रहे थे, लेकिन सरकार को उनकी आवाज सुनाई नहीं दी।

उन्होंने यह भी कहा कि यह ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ जैसी भावना थी, फिर भी ध्यान नहीं दिया गया। किताबों में हजारों गलतियां हैं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जाता है।

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