February 5, 2026
National

मध्य प्रदेश में ओला और बारिश से प्रभावित फसल का सर्वे जारी

Survey underway to assess crops affected by hailstorm and rain in Madhya Pradesh

5 फरवरी । मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ। राज्य सरकार ने किसानों को तुरंत राहत देने के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। अफसरों से लेकर मंत्री तक पीड़ित किसानों के बीच पहुंच रहे हैं और खेतों में फसल नुकसान का जायजा ले रहे हैं।

राज्य में असमय हुई वर्षा के चलते फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर ओलों ने खड़ी फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। इन स्थितियों में किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी जिला कलेक्टरों को राहत के लिए सर्वे करने के निर्देश दिए। सर्वे शुरू हो गया है। ग्वालियर जिले के भितरवार अनुभाग क्षेत्र के ग्रामों में ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है।

जिले की कलेक्टर रुचिका चैहान ने भितरवार अनुभाग की तहसील चीनौर के ग्राम चीनौर, बड़कीसराय, सिकरौदा, खुर्दपार्क, जुझारपुर, भौरी एवं कछौआ में प्रथम दृष्टया फसल हानि के विस्तृत सर्वेक्षण के लिए तहसील चीनौर के अंतर्गत सर्वेक्षण दल गठित करने के आदेश जारी किए हैं। इस दल को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है।

जिला प्रशासन की टीम द्वारा फसलों को हुए नुकसान के प्रारंभिक आंकलन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही सर्वेक्षण दल द्वारा अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी सर्वेक्षण की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, राज्य के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कित्तुखेड़ी, गोपालपुरा, लोहाखेड़ा, झारड़ा एवं अड़मालिया में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद किया।

उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ किसानों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने किसानों से कहा कि सभी प्रभावित क्षेत्रों के हर खेत पर जाकर सर्वे किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए। अधिकारी खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आंकलन कर रहे हैं। अफीम खेती के संबंध में नारकोटिस विभाग का अमला भी मौके पर जाकर खेतों का निरीक्षण करेगा। साथ ही केंद्र सरकार से चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। फसल बीमा के मामले में भी किसानों को फसल का पूरा लाभ प्रदान किया जाएगा।

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