June 20, 2026
Entertainment

सुषमा सेठ बर्थडे स्पेशल : जब ‘हम लोग’ की ‘दादी’ को मारने की हुई तैयारी तो भड़क उठे थे दर्शक, दूरदर्शन को भेजे हजारों खत

Sushma Seth Birthday Special: When preparations were made to kill off ‘Dadi’ of ‘Hum Log’, viewers were enraged and sent thousands of letters to Doordarshan.

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री सुषमा सेठ ने अपने लंबे करियर में मां, दादी और नानी के कई यादगार किरदार निभाए, लेकिन एक किरदार ऐसा रहा, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। यह किरदार था, दूरदर्शन के लोकप्रिय सीरियल ‘हम लोग’ की दादी यानी इमरती देवी का। इस किरदार से लोगों का लगाव इतना बढ़ गया था कि जब इसे कहानी से हटाने की तैयारी हुई, तो दर्शक भड़क उठे और चिट्ठियां लिखनी शुरू कर दी।

सुषमा सेठ का जन्म 20 जून 1936 को दिल्ली में हुआ था। उनका परिवार कला और संस्कृति से जुड़ा था, इसलिए बचपन से ही उन्हें अभिनय और संगीत में रुचि थी। उन्होंने अपनी पढ़ाई दिल्ली में पूरी की और बाद में अमेरिका जाकर नाटक और अभिनय की शिक्षा हासिल की। अभिनय के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि विदेश से लौटने के बाद उन्होंने पूरी तरह थिएटर को अपना लिया। उस दौर में थिएटर से ज्यादा कमाई नहीं होती थी, लेकिन सुषमा के लिए यह सिर्फ काम नहीं, बल्कि जुनून था।

उन्होंने दिल्ली लौटने के बाद कई बड़े रंगकर्मियों के साथ काम किया और थिएटर की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। लगभग दो दशकों तक मंच पर अभिनय करने के बाद उन्होंने छोटे पर्दे की ओर कदम बढ़ाया।

सुषमा सेठ को सबसे बड़ी पहचान दूरदर्शन के पहले लोकप्रिय पारिवारिक शो ‘हम लोग’ से मिली। इस सीरियल में उन्होंने दादी इमरती देवी का किरदार निभाया था। दादी का यह रोल दर्शकों को इतना पसंद आया कि वह हर घर के सदस्य जैसी बन गईं। बाद में कहानी में ऐसा मोड़ आया, जहां दादी के किरदार को खत्म करने की प्लानिंग थी। जैसे ही यह बात दर्शकों तक पहुंची, दूरदर्शन और निर्माताओं के पास चिट्ठियों का ढेर लग गया। लोग अनुरोध करने लगे कि दादी को शो से न हटाया जाए।

सुषमा सेठ ने खुद कई इंटरव्यू में बताया था कि दर्शकों के प्यार की वजह से इस किरदार को आगे बढ़ाया गया। हालांकि कहानी की जरूरत के अनुसार आखिर में दादी की मौत दिखाई गई।

छोटे पर्दे पर सफलता मिलने के बाद सुषमा सेठ ने 42 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखा। उनकी पहली फिल्म ‘जुनून’ थी, जो 1978 में रिलीज हुई। आमतौर पर कलाकार इतनी उम्र तक फिल्मों में अपनी जगह बना चुके होते हैं, लेकिन सुषमा ने इसी उम्र में नई शुरुआत की और सफलता भी हासिल की। इसके बाद उन्होंने ‘सिलसिला’, ‘प्रेम रोग’, ‘तवायफ’, ‘नगीना’, ‘चांदनी’, ‘दीवाना’, ‘धड़कन’, ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘कल हो ना हो’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया।

फिल्मों में उन्होंने अक्सर मां, दादी और नानी के किरदार निभाए। शाहरुख खान, ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, ऋषि कपूर, अनिल कपूर और प्रीति जिंटा जैसे कई बड़े सितारों के साथ उन्होंने स्क्रीन साझा की।

सुषमा सेठ को उनके शानदार अभिनय के लिए कई सम्मान भी मिले। फिल्म ‘तवायफ’ में अमीना बाई के किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकन मिला था। लेकिन आज भी लोग उन्हें सबसे ज्यादा ‘हम लोग’ की दादी के रूप में याद करते हैं।

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