निलंबित पंजाब पुलिस डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर ने चंडीगढ़ की पीएमएलए अदालत में एक आवेदन दायर कर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश देने की मांग की है कि कथित भ्रष्टाचार मामले में आकाश बट्टा की जिरह पूरी होने तक उनके बयान को तलब करने और दर्ज करने को स्थगित कर दिया जाए।
अपने आवेदन में भुल्लर ने कहा कि उन्हें अपने वकीलों से पता चला है कि अक्टूबर 2025 में दर्ज भ्रष्टाचार मामले में शिकायतकर्ता बट्टा को अचानक ईडी ने उनसे आमने-सामने पूछताछ करने और बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। भुल्लर फिलहाल 15 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में हैं।
भुल्लर ने तर्क दिया कि भ्रष्टाचार मामले में बट्टा से जिरह करने से पहले उन्हें बट्टा के सामने लाना निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि इस कदम से जांच एजेंसियों, सीबीआई और ईडी की ओर से घोर दुर्भावना और कदाचार का पर्दाफाश हुआ है। भुल्लर ने भ्रष्टाचार मामले में बट्टा की जिरह पूरी होने तक ईडी द्वारा उनकी जांच स्थगित करने और मामले के जांच अधिकारी से तुरंत स्थिति रिपोर्ट मंगाने के निर्देश देने की मांग की है।
उन्होंने यह निर्देश देने की भी मांग की है कि ईडी को हिरासत में रहने के दौरान बट्टा से आमने-सामने पूछताछ करने की अनुमति न दी जाए, उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल प्रतिक्रियाएँ प्राप्त करने और उन्हें गवाह से पूछताछ करने से रोकने के लिए किया जा सकता है, जिसने, उनके दावे के अनुसार, उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए थे और ईडी के समर्थन से खुलेआम हिरासत में यातना और जबरदस्ती की धमकी दी थी।
भुल्लर ने ईडी की हिरासत में रहने से एक महीने पहले, उसके दौरान और बाद में बट्टा और जांच अधिकारी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (आईपीडीआर) और टावर लोकेशन डेटा को भी सुरक्षित रखने की मांग की है।
भ्रष्टाचार मामले में एफआईआर बट्टा की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि भुल्लर, जो उस समय पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज में डीआईजी के पद पर तैनात थे, ने निजी मध्यस्थ कृषानु शारदा के माध्यम से अवैध रिश्वत की मांग की थी। यह कथित रिश्वत सरहिंद पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में अनुकूल व्यवहार प्राप्त करने और बट्टा के व्यवसाय के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न होने देने के लिए मांगी गई थी।
शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया गया। शारदा को 16 अक्टूबर, 2025 को बट्टा से रिश्वत के तौर पर 5 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। भुल्लर को भी उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया।

