जिले में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बदलते मौसम के बीच बुखार, खांसी, जुकाम और गले में खराश जैसी शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं।
लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकों की सलाह से स्वाइन फ्लू की जांच भी कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू के 14 मरीज सामने आ चुके हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिला अस्पताल और ग्रेटर नोएडा स्थित जिम्स अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर संक्रमित मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। डॉक्टरों के मुताबिक मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण वायरल संक्रमण और सांस संबंधी बीमारियों के मामले भी बढ़ रहे हैं।
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार और मौसमी संक्रमण जैसे ही दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, शरीर में दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण होने पर लोगों को लापरवाही नहीं बरतने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना तथा हाथों की नियमित सफाई करना जरूरी है।
लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहतर है। फिलहाल जिले में 14 मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है। अस्पतालों में बेड आरक्षित किए जाने से किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अधिकारियों की नजर संक्रमण की स्थिति और नए मामलों पर बनी हुई है।

