February 6, 2026
Sports

टी20 विश्व कप: बैटिंग पावर, दमदार ऑलराउंडर और स्पिनर निभाएंगे भारत के टाइटल डिफेंस में अहम भूमिका (एनालिसिस)

T20 World Cup: Batting power, strong all-rounders and spinners will play a key role in India’s title defence (Analysis)

 

नई दिल्ली,डिफेंडिंग चैंपियन भारत पुरुष टी20 विश्व कप अभियान की शुरुआत शनिवार को करेगा। ग्रुप ए के इस मुकाबले में उसका सामना अमेरिका से होगा। यह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। मजबूत बल्लेबाजी, अच्छे ऑलराउंडर और अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में चल रहे स्पिन गेंदबाजों के दम पर भारत के पास लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीतने का पूरा मौका है।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 से सीरीज जीतकर टूर्नामेंट में उतर रही है। 2024 में बारबाडोस में टी20 विश्व कप जीतने के बाद से भारत का जीत प्रतिशत शीर्ष दस टीमों में सबसे अच्छा है। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने भारत की संभावनाओं को समझने के लिए ताकत, कमजोरी, मौके और खतरे के आधार पर विश्लेषण किया है।

टीम की ताकत की बात करें तो विश्व कप से पहले भारत सभी रैंकिंग में आगे है। वह नंबर एक टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम है। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा और गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती शीर्ष स्थान पर हैं। टीम की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण रन गति तेज रहती है और बड़े स्कोर बनाना आसान हो गया है। क्रिकेट-21 के अनुसार, वर्ल्ड कप 2024 के बाद के फेज में, भारत का रन रेट 9.9 सबसे ज्यादा है। प्रति बाउंड्री गेंदों के मामले में, भारत 4.4 के आंकड़े के साथ फिर से चार्ट में सबसे आगे है। भारत का दबदबा 200 से ज्यादा के टोटल के आंकड़ों में और भी साफ दिखता है, जब उन्होंने 2024 पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के बाद से ऐसे 13 से ज्यादा स्कोर बनाए हैं, जिनमें से 12 पहले बैटिंग करते हुए आए हैं।

अभिषेक के अलावा ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा और रिंकू सिंह जैसे बल्लेबाज टीम को मजबूती देते हैं। हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर टीम का संतुलन बनाए रखते हैं। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी प्रभावी है।

कमजोरी की बात करें तो अच्छे प्रदर्शन के बावजूद भारत का शीर्ष क्रम पूरी तरह स्थिर नहीं दिखता। खासतौर पर इसलिए क्योंकि अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करने वाले खिलाड़ी को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। ईशान किशन अच्छी फॉर्म में हैं, जबकि संजू सैमसन संघर्ष कर रहे हैं।

बॉलिंग की बात करें तो पावरप्ले में गेंदबाजी के दौरान भारत कभी-कभी महंगा साबित हुआ है और विकेट भी कम मिले हैं। अंतिम ओवरों में भी यही समस्या देखने को मिली है। आठवें नंबर पर कौन खेलेगा, यह भी टीम के लिए एक सवाल बना हुआ है।

टीम के पास अवसरों की बात करें तो 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत ने 2024 में फिर से खिताब अपने नाम किया और अब वह डिफेंडिंग चैंपियन है। उसे लगातार दूसरी बार खिताब जीतने, तीसरी बार विश्व कप अपने नाम करने और घरेलू मैदान पर फाइनल जीतने का इतिहास रचने का मौका है।

हालांकि टीम के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। वॉशिंगटन सुंदर न्यूजीलैंड के खिलाफ पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे और उनका खेलना अभी तय नहीं है। अगर वह टूर्नामेंट से बाहर रहते हैं, तो टीम को एक ऑलराउंडर की कमी खलेगी। साथ ही हार्दिक पांड्या का फिट रहना भारत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि उनकी गैरमौजूदगी ने 2023 के एकदिवसीय विश्व कप में टीम के संतुलन को प्रभावित किया था।

 

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