तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक भारतीराजा का बुधवार को निधन हो गया। वह 84 साल के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से तमिल फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। भारतीराजा ने अपनी फिल्मों के जरिए गांवों की असली जिंदगी को बेहद खूबसूरती और सच्चाई के साथ पेश किया। उनकी फिल्मों में ग्रामीण संस्कृति, रिश्ते और समाज से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से नजर आते थे।
भारतीराजा तमिल सिनेमा के ट्रेंडसेटर माने जाते थे। उनकी फिल्मों की शुरुआत में बोले जाने वाले शब्द ‘एन इनिया तमिल मक्कले…’ आज भी तमिलनाडु के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। वह नए कलाकारों और टैलेंट को पहचानने में भी माहिर थे। तमिल सिनेमा के कई बड़े नामों को उन्होंने ही पहली बार मौका दिया था।
उनकी पहली फिल्म ’16 वायथिनिले’ थी, जिसने तमिल सिनेमा में नई क्रांति ला दी। इस फिल्म में कमल हासन, रजनीकांत और श्रीदेवी जैसे बड़े कलाकार नजर आए थे। इस फिल्म के लिए उन्हें तमिलनाडु सरकार का सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार मिला था।
भारतीराजा का जन्म 17 जुलाई 1941 को तमिलनाडु के थेनी जिले के अल्ली नगरम गांव में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम पेरिया मायाथेवर और मीनाक्षी अम्मल था। उनका असली नाम चिन्नासामी था, लेकिन बाद में वह भारतीराजा के नाम से मशहूर हुए। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले भारतीराजा ने अपने दम पर फिल्म जगत में अलग पहचान बनाई।
अपने करियर में उन्होंने लगभग 44 फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी कई फिल्में आज भी क्लासिक मानी जाती हैं। इनमें ‘मुधल मरियाधई’, ‘मन वासनाई’, ‘पुधुमई पेन’, ‘वेदम पुधिथु’, ‘किझाक्कु चीमईइले’, ‘करुथम्मा’ और ‘नाडोड़ी थेंड्रल’ जैसी यादगार फिल्में शामिल हैं।
निर्देशन के अलावा भारतीराजा एक शानदार अभिनेता भी थे। उन्होंने अभिनय की शुरुआत फिल्म ‘कल्लुक्कुल ईरम’ से की थी। इसके बाद वह ‘निजलगल’, ‘धावनी कनवुगल’, ‘इधायम’, ‘आयुधा एझुथु’, ‘पांडिया नाडु’, ‘सीताकाधी’, ‘मानाडु’, ‘ईश्वरन’ और ‘थिरुचित्रंबलम’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए।
उनके निधन के बाद फिल्म जगत से कई हस्तियां उन्हें श्रद्धांजलि दे रही हैं। अभिनेत्री खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त करते हुए कहा, ”भारतीराजा का जाना तमिल सिनेमा के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनकी फिल्में फिल्म निर्माण की असली पाठशाला हैं और आने वाली पीढ़ियां उनसे सीखती रहेंगी। वह हमेशा मेरे साथ एक फिल्म बनाने की बात करते थे, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया।”


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