तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को मदुरंतकम और धारापुरम के लिए कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें 1,439 करोड़ रुपये की संयुक्त पेयजल योजना, सरकारी महिला कॉलेज, सिंचाई व्यवस्था में सुधार और आवास संबंधी पहल शामिल हैं।
ये घोषणाएं हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनावों में ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) के उम्मीदवारों मदुरांतकम से मरगथम कुमारवेल और धारापुरम से सत्यभामा की जीत के बाद की गई हैं। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने संबंधित विभागों को इन योजनाओं को जल्द से जल्द लागू करने का निर्देश दिया है।
तिरुपुर जिले के लिए एक बड़ी घोषणा कावेरी नदी पर आधारित नई संयुक्त पेयजल योजना है। लगभग 1,439 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना से 1,232 ऐसी ग्रामीण बस्तियों को लाभ मिलेगा, जो अभी तक मौजूदा जलापूर्ति नेटवर्क से बाहर थीं।
इस योजना के दायरे में धारापुरम, कांगेयम, कुंडादम, पोंगलुर और वेल्लाकोइल पंचायत यूनियन की बस्तियां आएंगी। इसके अलावा, मुला नूर की सात और पल्लादम की 17 पंचायतें भी इसमें शामिल होंगी। जिले की कुल 2,455 ग्रामीण बस्तियों में से 1,223 बस्तियों को पहले से ही कावेरी संयुक्त पेयजल प्रणाली के जरिए पानी मिल रहा है।
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में बेघर लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 2,700 पट्टे (जमीन के अधिकार पत्र) मुफ्त दिए जाएंगे। इसके अलावा, चिन्नपुथुर गांव के गुरुवप्पा नाइकेनपालयम में पिछले दो दशकों से रह रहे लगभग 87 परिवारों को भी पट्टे देने के लिए सरकार उचित कदम उठाएगी।
पूरे तिरुपुर जिले में सिंचाई नहरों की गाद (सिल्ट) निकालने और उनकी सफाई के लिए लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से 159 कार्य किए जाएंगे।
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में, लगभग 271 किलोमीटर लंबी नहरों से गाद, झाड़ियां और अन्य रुकावटें हटाई जाएंगी।धारापुरम, मुला नूर और कुंडादम ब्लॉक में नई ओवरहेड पानी की टंकियां बनाई जाएंगी, और वहां लगभग 13,000 पेयजल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।
मुला नूर में एक नया फायर एंड रेस्क्यू सर्विस स्टेशन (अग्निशमन और बचाव केंद्र) खोला जाएगा। धारापुरम नगर पालिका के लिए की गई घोषणाओं में जलापूर्ति में सुधार, लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से एक ओवरहेड जलाशय, 40 लाख रुपए की लागत से स्ट्रीट लाइटें और 6 करोड़ रुपए के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) कार्य शामिल हैं।
इसके साथ ही, बरसाती पानी की निकासी (स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज) व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा। चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम निर्वाचन क्षेत्र में, सरकार अचरापक्कम में लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत से महिलाओं के लिए एक कला और विज्ञान कॉलेज स्थापित करेगी।
अथुर में 20,000 मीट्रिक टन की क्षमता वाले एक अर्ध-ढके (सेमी-कवर्ड) धान गोदाम के निर्माण से कृषि बुनियादी ढांचे को काफी बढ़ावा मिलेगा; इस पर लगभग 20 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
मदुरंतकम ब्लॉक में धान खरीद के छह केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक केंद्र पर 30 लाख रुपए की लागत आएगी, जिससे कुल खर्च 1.80 करोड़ रुपए होगा। इसके अलावा, 10 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 25 एकड़ भूमि पर एक राजकीय बीज फार्म विकसित किया जाएगा।
जल प्रबंधन परियोजनाओं में शामिल कार्यों की बात करें, तो इसमें अतिमानम गांव के पुक्कातुरई में 5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला चेक डैम, चेम्बुंडी पंचायत में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की झील के स्लुइस गेटों की 4.50 करोड़ रुपए की लागत से मरम्मत, और नेल्वोय पंचायत में तालाब के किनारों को मजबूत करना और उनमें से गाद निकालना, जिस पर 1.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे, शामिल है।
पडालम और उदयमबक्कम के बीच पलार नदी पर एक प्रस्तावित उच्च-स्तरीय चेक डैम के लिए व्यवहार्यता अध्ययन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
लगभग 30 किलोमीटर लंबी मदुरंतकम उच्च-स्तरीय नहर, जिसे 1984 में 30 झीलों तक पानी पहुंचाने के लिए बनाया गया था, से गाद निकाली जाएगी और इसके ढांचे का चरणों में नवीनीकरण किया जाएगा।
सरकार मदुरंतकम झील के पास पर्यटन और मनोरंजन सुविधाओं वाला एक पार्क विकसित करने की भी योजना बना रही है। अन्य घोषणाओं में कामकाजी महिलाओं के लिए एक हॉस्टल, शिक्षित युवाओं के लिए 3 करोड़ रुपए का नॉलेज सेंटर, 4 करोड़ रुपए की लागत से एक साप्ताहिक बाजार, और मदुरंतकम नगर पालिका में बरसाती पानी की निकासी के लिए नई नालियां बनाना शामिल है।
तिन्नलुर पंचायत में 70 लाख रुपये की लागत से एक सामुदायिक कल्याण भवन का निर्माण किया जाएगा। पुक्कातुरई राजकीय हाई स्कूल को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अपग्रेड किया जाएगा, जबकि करुंगुझी में लगभग 80 लाख रुपए की लागत से एक मिनी स्पोर्ट्स ग्राउंड बनाया जाएगा।
मदुरंतकम सबस्टेशन पर 3 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक अतिरिक्त 25 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। तमिलनाडु शहरी आवास विकास बोर्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों को नए घर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा, चेंगलपट्टू जिले में बस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि अपनी उपज ले जाने वाले किसानों और स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों को आने-जाने में आसानी हो सके।

