मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के बीच, बठिंडा पुलिस के समन्वय से काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) बठिंडा ने अर्श डल्ला गिरोह से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर एक लक्षित हत्या को टाल दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने मंगलवार को यहां बताया कि उनके पास से चार अवैध पिस्तौल, चार मैगजीन और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कुलदीप सिंह (बठिंडा के गिल पट्टी निवासी, जो वर्तमान में कनाडा में रह रहे हैं), गुरविंदर सिंह (बठिंडा के कोटशमीर निवासी) और गगनदीप सिंह (बठिंडा के भोखरा गांव निवासी) के रूप में हुई है। बरामद पिस्तौलों में एक ग्लॉक, एक जिगाना, एक .30 बोर की पिस्तौल और एक .32 बोर की पिस्तौल शामिल हैं। चार पिस्तौलों की बरामदगी के अलावा, पुलिस टीमों ने बिना पंजीकरण नंबर वाली एक हुंडई वरना कार भी जब्त की है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी लक्षित हत्या की योजना बना रहे थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक कुलदीप सिंह हाल ही में कनाडा से बठिंडा आया था, जिसका मकसद इसी योजनाबद्ध गोलीबारी को अंजाम देना था।
बठिंडा की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अमनीत कोंडल ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गिरोहों के बीच चल रही आपसी दुश्मनी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उन्होंने बताया कि बठिंडा के थर्मल पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की आगे और पीछे की कड़ियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
ऑपरेशनल जानकारी साझा करते हुए एआईजी सीआई बठिंडा अवनीत कौर सिद्धू ने बताया कि सीआई बठिंडा को विश्वसनीय सूत्रों से विशिष्ट सूचना मिली थी कि अर्श डल्ला गिरोह से जुड़े निशानेबाजों के पास अवैध हथियार हैं और उन्होंने लक्षित हत्या को अंजाम देने की साजिश रची है। सूचना मिलते ही, सीआई बठिंडा की एक टीम ने जिला पुलिस बठिंडा के साथ मिलकर गोनियाना रोड पर सुचा सिंह नगर के पास नाका लगाया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में, बठिंडा के थर्मल पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 के तहत मामला संख्या 3 दिनांक 05.01.2026 को दर्ज की गई है।

