बिहार के जमुई में नाबालिग लड़के-लड़की के साथ कथित अभद्रता के मामले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई है और छात्राओं एवं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जमुई मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में कहा कि बिहार में अब कहीं भी और कभी भी छात्रा तथा महिला सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी दिनदहाड़े स्कूल, कॉलेज और घरों में घुसकर अपराध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 10 हजार रुपये देने और चुनाव के बाद दो लाख रुपये देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री ऐसी घटनाओं पर मौन हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए सरकार में महिलाओं, छात्रों, गरीबों और दलितों पर अत्याचार में वृद्धि हुई है।
राजद नेता ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार का खजाना लुटाकर और महिलाओं को दो लाख रुपये देने का लालच देकर नीतीश कुमार चार महीने में ही अपना झोला-झंडा उठाकर चले गए। तेजस्वी ने अपने बयान में आगे कहा कि विधानसभा चुनाव के अंतिम 35 दिनों में बिहार के खजाने से 41 हजार करोड़ रुपये बांटकर तथा तंत्र और यंत्र के जरिए विजय हासिल करने के बाद भाजपा के दो शीर्ष नेताओं ने बिहार की बागडोर नौसिखिए हाथों में सौंप दी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बिहार की जनता से किस जुर्म का बदला लिया जा रहा है। उन्होंने जमुई की घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बिहार के मौजूदा हालात के लिए वह अकेले जिम्मेदार हैं। उन्होंने भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों पर भी निशाना साधा। जमुई की घटना 19 सितंबर की शाम की बताई गई है।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिगों की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए और प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस के अनुसार, मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

