10 फरवरी । बिहार विधानसभा में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व सीएम राबड़ी देवी को लड़की कहे जाने पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते है।
सोशल मीडिया पोस्ट में तेजस्वी यादव ने लिखा कि डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं। प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को लड़की कहने तथा महिलाओं के प्रति अपनी संकीर्ण, नकारात्मक व दोषपूर्ण सोच का बारम्बार प्रदर्शन करने वाले मुख्यमंत्री को आप क्या कहेंगे? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इसी मानसिकता के कारण ही प्रतिदिन बिहार की सैंकड़ों बच्चियों, छात्राओं और महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को प्रोत्साहन मिलता है।
पूर्व सीएम राबड़ी देवी की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक्स पोस्ट के माध्यम से सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला।
उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आदत बन चुकी है संसदीय भाषाई मर्यादा लांघने की। दर्जनों दफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में और सार्वजनिक मंचों पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग, विशेषकर महिलाओं के संदर्भ में किया है। जब तर्क और तथ्यों का टोंटा पड़ जाता है तभी भाषा की सीमा लांघ कर व्यक्ति अपनी खीज अपने वैचारिक खोखलेपन का इजहार करता है। वैसे भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले कुछ वर्षों के बयानों-वक्तव्यों पर गौर करने से ये स्पष्ट होता है कि वो महिलाओं के प्रति मानसिक-वैचारिक कुंठा से ग्रस्त हैं और उनके द्वारा महिला सम्मान को लेकर कही जाने वालीं बातें महज राजनीतिक व चुनावी दिखावा हैं।
बताते चलें कि पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने बिहार में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राबड़ी देवी ने राज्य के सीएम नीतीश कुमार और राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी जब से गृहमंत्री बने हैं, लगातार महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

