August 1, 2026
National

आतंकवादी बड़े हमले करने में सक्षम नहीं, आसान लक्ष्यों को निशाना बनाकर फैलाना चाहते हैं डर: पूर्व डीजीपी एसपी वैद

Terrorists are not capable of carrying out major attacks; they aim to spread fear by targeting soft targets: Former DGP SP Vaid.

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम हुए एक आतंकवादी हमले में दो प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और हमले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने दोनों मजदूरों से पहले उनका नाम और धर्म पूछा और उसके बाद उन्हें निशाना बनाया। इस घटना ने एक बार फिर घाटी में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और आतंकवाद की चुनौती को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने आईएएनएस से बात करते हुए इस हमले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अपनी आजीविका कमाने के लिए कश्मीर आए दो युवकों की निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों की उम्र लगभग 25 से 26 वर्ष थी और वे छत्तीसगढ़ के निवासी थे। हत्या से पहले उनसे उनकी पहचान और धर्म के बारे में पूछा गया, जो पिछले वर्ष पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के तौर-तरीकों से मेल खाता है। घटना का पैमाना भले छोटा हो, लेकिन आतंकियों की कार्यशैली वही दिखाई देती है, जिसमें पहचान के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जाता है।

एसपी वैद ने कहा कि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा जारी है। पुलिस, सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, खुफिया एजेंसियों, सीआईडी, आईबी के वरिष्ठ अधिकारी संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि हमले के पीछे शामिल आतंकियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

पूर्व डीजीपी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां हालात गंभीर बताए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी सेना और रेंजर्स द्वारा बड़ी संख्या में लोगों की हत्या किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

वहीं, रिटायर्ड ब्रिगेडियर विजय सागर धीमान ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा अभियानों की प्रभावशीलता काफी बढ़ी है। उनके अनुसार, सुरक्षा बलों की सफलता दर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसके कारण आतंकवादी पहले की तरह बड़े हमलों को अंजाम देने में सक्षम नहीं हैं। इसी वजह से आतंकी अब अपेक्षाकृत आसान लक्ष्यों जैसे निहत्थे नागरिकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बना रहे हैं ताकि भय का माहौल बनाया जा सके।

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र कुमार चौधरी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सुरक्षा बलों का इतिहास बहादुरी और बलिदान से भरा रहा है, लेकिन हाल की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कुलगाम में दो मजदूरों की हत्या से कुछ दिन पहले अनंतनाग में एक सैनिक भी शहीद हुआ था। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं लगातार यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किन अतिरिक्त कदमों की आवश्यकता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं और दोषियों की तलाश जारी है।

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