हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों के हित में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुओं की नस्ल सुधार में तेजी लाना है ताकि दुग्ध उत्पादक दूध उत्पादन बढ़ा सकें और अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकें।
सोमवार को पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन विभाग की उच्चस्तरीय क्रय समिति की बैठक की अध्यक्षता मंत्री महोदय कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान, समिति ने राज्य के पशुधन आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम के तहत उच्च गुणवत्ता वाले जमे हुए वीर्य के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यक तरल नाइट्रोजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए दो साल के दर अनुबंध को मंजूरी देने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
राणा ने कहा कि मवेशियों के जमे हुए वीर्य के उत्पादन, भंडारण और सुरक्षित परिवहन के लिए तरल नाइट्रोजन की नियमित और निर्बाध उपलब्धता आवश्यक है। इसे सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने दर अनुबंध व्यवस्था लागू की है।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तरल नाइट्रोजन की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे वीर्य के निर्बाध उत्पादन और संरक्षण में सहायता मिलेगी। यह अनुबंध राज्य भर में फैले विभिन्न वीर्य उत्पादन केंद्रों और उनसे संबद्ध इकाइयों की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करेगा।
मंत्री जी ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले जमे हुए गोमांस का निरंतर उत्पादन सुनिश्चित करना और पशुधन प्रजनन कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है। तरल नाइट्रोजन की निर्बाध उपलब्धता से राज्य भर में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को बेहतर आनुवंशिक गुणों वाले पशुओं तक पहुंच प्राप्त करने में सक्षम बनाकर उन्हें प्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा।
राणा ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार पशुपालन को एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में बढ़ावा देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। इन पहलों का लाभ उठाकर राज्य भर में लाखों पशुपालक आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं।

