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खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा लगातार चौथे दिन भी स्थगित रही

The Amarnath Yatra remained suspended for the fourth consecutive day due to bad weather.

खराब मौसम के कारण बुधवार को लगातार चौथे दिन अमरनाथ यात्रा स्थगित रही और बालटाल तथा नुनवान (पहलगाम) के ट्रांजिट कैंपों और बेस कैंपों में ठहरे सभी श्रद्धालु सुरक्षित रहे। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के कारण अमरनाथ जी यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोड़ी यात्रा और मचैल माता यात्रा लगातार चौथे दिन भी बंद रहीं।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) द्वारा खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने शनिवार शाम को जम्मू-कश्मीर में सभी यात्राएं रोक दी थीं। मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में नंदीवान-पहलगाम के दो रास्तों से होने वाली अमरनाथ यात्रा को 18 जुलाई की शाम को रोक दिया गया था। इसके अलावा, कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर, रियासी में शिव खोड़ी मंदिर और किश्तवाड़ में मचैल माता मंदिर की यात्राएं भी उसी दिन रोक दी गई थीं।

अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से कहा कि वे आईएमडी की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक सूचना मिलने तक आगे न बढ़ें।

अधिकारियों ने बताया कि पहलगाम मार्ग से पवित्र गुफा और बालटाल बेस कैंप तक जाने वाले रास्ते पर आखिरी पड़ाव ‘पंचतरणी’ में फंसे तीर्थयात्रियों को क्रमशः 19 और 20 जुलाई को दर्शन के लिए जाने की इजाजत दी गई थी। लेकिन बुधवार को यात्रा वाले इलाके में भारी बारिश के कारण किसी भी यात्री को श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के लिए जाने की इजाजत नहीं दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू से बालटाल और नंदीवान-पहलगाम के दोनों बेस कैंप तक होने वाली यात्रा भी लगातार तीसरे दिन बंद रही। यहां भगवती नगर यात्री निवास और पास के आसाराम बापू आश्रम में लगभग 6,000 तीर्थयात्री मौजूद हैं। हालांकि, लगातार बारिश को देखते हुए जम्मू में फंसे अमरनाथ जाने वाले 2,000 से अधिक तीर्थयात्री अपने-अपने राज्यों को लौट गए।

इसके अलावा, जम्मू के गीता भवन में 250 और पुरानी मंडी के राम मंदिर में 200 साधु मौजूद हैं। कई समाजसेवी संस्थाओं ने तीर्थयात्रियों को मुफ्त खाना खिलाने के लिए लंगर शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अनंतनाग जिले के नंदीवन-पहलगाम में 2,800 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। वे पवित्र गुफा के दर्शन के लिए जाने के लिए रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बालटाल में फंसे लगभग सभी तीर्थयात्रियों को मंगलवार को दर्शन के लिए जाने की इजाजत दे दी गई थी, लेकिन खराब मौसम को देखते हुए नुनवान से किसी भी तीर्थयात्री को आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई। इसके अलावा, श्रीनगर के यात्री निवास पंथा चौक में 438, गांदरबल जिले के बालटाल में 134 और रामबन जिले के यात्री निवास चंदरकोट में 458 तीर्थयात्री मौजूद हैं।

बता दें कि आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर में 19 से 24 जुलाई तक खराब मौसम का अनुमान लगाया है। अधिकारियों ने बताया कि माता वैष्णो देवी, शिव खोड़ी और मचैल माता यात्रा रुकी हुई है। हालांकि, मंगलवार को देवी के जन्मदिन के मौके पर किश्तवाड़ से सरथल माता मंदिर तक एक सांकेतिक छड़ी यात्रा निकाली गई।

गौरतलब है कि 3 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से पिछले 21 दिनों में 3.91 लाख तीर्थयात्रियों ने श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा के दर्शन किए हैं। 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा की 57 दिनों तक चलने वाली यात्रा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों पर संपन्न होगी।

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