अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अंगोला से पंजाब भर में जबरन वसूली का नेटवर्क चलाने के संदिग्ध गैंगस्टर वरिंदर सिंह सैदोके के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सैदोके स्थानीय सहयोगियों का इस्तेमाल गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देने और व्यापारियों, डॉक्टरों और राजनीतिक नेताओं को धमकाकर पैसे वसूलने के लिए करता था। अमृतसर में उसके खिलाफ 12 से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि पंजाब भर में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं।
ब्यास क्षेत्र के साथियाला गांव में कथित अपराधी जरनैल सिंह की 2023 में हुई हत्या के मामले में भी वह वांछित है। जांचकर्ताओं का मानना है कि हत्या के बाद सैदोके जाली पासपोर्ट पर विदेश भाग गया था। आरोप है कि उसके गिरोह ने उत्तर प्रदेश में अपने संपर्कों के जरिए फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसी नेटवर्क ने नवंबर 2024 में एक अन्य वांछित गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन अर्जन मंगा के लिए भी जाली पासपोर्ट तैयार किया था।
सैदोके के खिलाफ 2025 में लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था, लेकिन उसका पता अज्ञात रहा। अंगोला में उसकी संदिग्ध उपस्थिति का पता अर्जन मंगा से पूछताछ के दौरान चला, जिसे हाल ही में जकार्ता से निर्वासित किया गया था।पुलिस को शक है कि उसका गिरोह पंजाब में जबरन वसूली की रकम इकट्ठा कर उसे विदेश भेज रहा था। सैदोके चार सनसनीखेज हत्या के मामलों में वांछित है और लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल है।
जांचकर्ता अब सैदोके द्वारा कथित तौर पर विदेशों से संचालन करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता लगाने और उन वित्तीय चैनलों का पता लगाने में जुटे हैं जिनके माध्यम से जबरन वसूली की रकम हस्तांतरित की जा रही है। प्रस्तावित आरसीएन से अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के माध्यम से उसकी पहचान और गिरफ्तारी में सहायता मिलने की उम्मीद है।

