नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार अगले महीने अपनी स्वचालित राजस्व प्रशासन प्रणाली शुरू करने की तैयारी कर रही है, जो कागज रहित और नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की वित्त आयुक्त सुमिता मिश्रा ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्तों और उपायुक्तों (डीसी) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सुधारों के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने और नई राजस्व प्रणाली को लागू करने के लिए 1,900 प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से कुशल पटवारियों को विभिन्न जिलों में तैनात किया जाए।
भूमि अभिलेखों के आधार एकीकरण से लेकर, लाल डोरा मानचित्रों के अद्यतन और रोवरों के माध्यम से सटीक भूमि सीमांकन से लेकर एग्रीस्टैक के तहत डिजिटल डेटा के सत्यापन और कब्जे से संबंधित ‘खाना कष्ट’ मामलों के त्वरित समाधान तक, पटवारी भौतिक डेटा को सरकार के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत करने के लिए जिम्मेदार होंगे।

