पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने राहुल गांधी, कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर कांग्रेस की टिप्पणियों, यूट्यूबर ध्रुव राठी की टिप्पणियों समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बयान दिया है कि प्रधानमंत्री और अमित शाह लोकतंत्र को खत्म करना चाह रहे हैं। इस बयान पर मंत्री दिलीप घोष कहते हैं, “मीडिया में वे जो भी बयान दे रहे हैं, उसका अधिकार उन्हें भाजपा ने ही दिया है। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके समय में क्या हुआ था। इमरजेंसी को 50 साल हो चुके हैं। कांग्रेस का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें यह भी शामिल है कि कैसे उनके नेताओं ने संविधान, सिस्टम, न्यायपालिका और संवैधानिक पदों पर बैठे संस्थानों और लोगों का अपमान किया।”
कांग्रेस के जगह-जगह प्रस्तावित विरोध पर घोष ने कहा, “राहुल गांधी ने भी बहुत लंबा मार्च किया था, लेकिन देश में कुछ नहीं बदला। देश में सभी को विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है।”
दिल्ली में इंडी गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर दिलीप घोष ने कहा, “वे राष्ट्रपति के बुलाने पर भी नहीं आएंगे। वे बात नहीं करेंगे, वे चर्चा में शामिल नहीं होंगे। अब वे सुप्रीम कोर्ट को भी नहीं छोड़ेंगे और वहां भी विरोध प्रदर्शन करना चाहते हैं। यह डराने-धमकाने की कोशिश है, इस देश में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।”
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने आरोप लगाया है कि उनके साथ जोर जबरदस्ती की जा रही है और घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है। राठी के इस बयान पर घोष ने कहा, “इसके पहले हुए आंदोलन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था, जनजीवन को प्रभावित किया था। इसलिए सरकार पहले से सतर्क है और सख्ती बरत रही है। ये बात लोगों को माननी पड़ेगा। देश में लोगों को शांतिपूर्वक आंदोलन करने का अधिकार है।
दिलीप घोष ने आरोप लगाया, “भारत में नेपाल और श्रीलंका जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश बहुत दिनों से हो रही है। इन देशों में तख्ता पलटने में सहयोग किया, वह भारत को भी अस्थिर करना चाह रहा है। इसको लेकर सरकार कानून बनाने जा रही है। भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। किसी को भी उपद्रव नहीं करने दिया जाएगा।”


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