हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक का कुल कारोबार 2025-26 के दौरान बढ़कर 29,315 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें 17,448 करोड़ रुपये की जमा राशि और 11,868 करोड़ रुपये के ऋण एवं अग्रिम शामिल हैं। सोमवार को शिमला में बैंक की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने कहा कि बैंक ने परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया है, जिसमें सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) घटकर 2.86 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए घटकर 0.86 प्रतिशत हो गई हैं। एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के तहत, बैंक ने वित्तीय वर्ष के दौरान 213 ग्राहकों से 17.78 करोड़ रुपये वसूल किए।
बैंक के निदेशक मंडल के सदस्यों और प्रबंध निदेशक विनय सिंह (आईएएस) के अलावा, सहकारी समितियों के 107 प्रतिनिधियों ने वार्षिक आम बैठक में भाग लिया। श्याम ने कहा कि वित्तीय प्रदर्शन सहकारी समितियों, बोर्ड सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि बैंक ने सफलतापूर्वक अपने कोर बैंकिंग सिस्टम को फिनाकल 10.2.25 में माइग्रेट कर लिया है और ग्राहकों को अधिक सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए अपने मोबाइल फोन बैंकिंग एप्लिकेशन, हिमपेसा का एक उन्नत संस्करण लॉन्च किया है।
श्याम ने बैंक की प्रमुख योजनाओं, जिनमें ‘सपनों का संचय’ और ‘सशक्त महिला ऋण योजना’ शामिल हैं, पर प्रकाश डाला और सहकारी प्रतिनिधियों से इन योजनाओं को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक ले जाने का आग्रह किया। प्रबंध निदेशक ने कहा कि बैंक उन क्षेत्रों में शाखाएं खोलने के लिए काम कर रहा है जहां अभी भी पर्याप्त बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि पारदर्शिता और दक्षता में सुधार के लिए प्राथमिक सहकारी समितियों का कम्प्यूटरीकरण भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बैंक ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नकदी निकासी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों में वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित कर रहा है और मोबाइल एटीएम वैन तैनात कर रहा है। इन शिविरों में साइबर धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता पैदा करने और उससे बचाव के तरीकों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।
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