कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने आज पानीपत स्थित राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) फॉर विमेन में नवनिर्मित बालिका छात्रावास का उद्घाटन किया, और युवाओं को बेहतर कौशल शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को मजबूत करने पर केंद्र के फोकस को दोहराया।
सभा को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि भारत की विकास यात्रा तब और मजबूत होती है जब युवा महिलाएं बिना किसी सीमा के अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होती हैं। उन्होंने हरियाणा को “अत्यधिक ऊर्जा, प्रतिभा और खेल उत्कृष्टता” की भूमि बताया और कहा कि यहां के युवा देश को गौरवान्वित करते रहते हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को मजबूत करने के लिए 60 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना लागू कर रही है। इस योजना से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।”
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पांच आईटीआई के क्लस्टर बनाए गए हैं। मंत्री ने कहा, “पलवल, कुरुक्षेत्र और सोनीपत को प्रमुख क्लस्टर के रूप में चुना गया है और इनमें औद्योगिक प्रशिक्षण क्षेत्र में महत्वपूर्ण निवेश किया जाएगा।” उन्होंने उद्योग जगत से इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
चौधरी ने कहा कि नवनिर्मित छात्रावास से अधिक युवा महिलाएं आत्मविश्वास के साथ उच्च कौशल वाले करियर के रास्ते चुन सकेंगी और विकसित भारत के विजन में सार्थक योगदान दे सकेंगी। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति द्वारा 1 जनवरी को शुरू की गई ‘स्किलिंग फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रेडीनेस – स्किल द नेशन’ चुनौती का भी जिक्र किया और छात्रों एवं युवाओं को एआई पाठ्यक्रमों में सक्रिय रूप से दाखिला लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा, “आज एआई सीखना विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसरों के द्वार खोलता है, जिससे प्रत्येक शिक्षार्थी – चाहे उसकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो – भविष्य के लिए तैयार हो सकता है और भारत के डिजिटल और आर्थिक परिवर्तन को आकार दे सकता है।”
तीन मंजिला बालिका छात्रावास 2,758 वर्ग मीटर क्षेत्र में सुरक्षा, सुगमता और टिकाऊपन को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इससे पानीपत स्थित एनएसटीआई (महिला) की आवासीय क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस सुविधा में एक मनोरंजन कक्ष सहित 59 कमरे हैं और इसमें 50 दो लोगों के लिए साझा आवास के साथ-साथ अतिथि सुविधाएं और साझा स्थान भी उपलब्ध हैं, जो शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यक्तिगत विकास को बढ़ावा देते हैं।
मंत्री जी ने कहा कि यह छात्रावास राज्य भर की अधिक से अधिक लड़कियों को तकनीकी और भविष्योन्मुखी कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित करेगा, साथ ही उन्हें सुरक्षित और सहायक आवासीय वातावरण का आश्वासन भी दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रशिक्षण महानिदेशालय के उप महानिदेशक सुनील कुमार गुप्ता, आईएसडीएस और हरियाणा के आरडीएसडीई के क्षेत्रीय निदेशक सुशील कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारियों, संकाय सदस्यों, प्रशिक्षुओं और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित थे

