सुखविंदर सिंह सुक्खु ने बुधवार को शिमला में कहा कि भाजपा दुष्प्रचार के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है, जिसमें उन्हें उत्तर भारत का सबसे अमीर मुख्यमंत्री बताया जा रहा है, जबकि वास्तव में उनकी संपत्ति कम हो गई है। सुक्खु ने कहा, “मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने कोई संपत्ति नहीं खरीदी है और मेरी सारी संपत्ति का जिक्र मेरे चुनावी शपथ पत्र में है। इसलिए, भाजपा का सोशल मीडिया विंग मेरी छवि को धूमिल करने के लिए गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि कई साल पहले खरीदी गई उनकी संपत्ति का मूल्य बढ़ गया होगा, जिससे उनकी कुल संपत्ति में वृद्धि दिखाई देती है।
सुखु ने कहा कि उन्होंने पिछले 40 वर्षों से शिमला में काम किया है और अपनी मेहनत की कमाई से ही उन्होंने कई साल पहले ये संपत्तियां खरीदी थीं। उन्होंने आगे कहा, “अगर किसी को मेरी संपत्तियों पर कोई संदेह है, तो वे प्रवर्तन निदेशालय या सीबीआई से इसकी पुष्टि करवा सकते हैं। ऐसा लगता है कि भाजपा ने मेरी छवि खराब करने के लिए राजनीतिक साजिश रची है।”
उन्होंने कहा कि इन संपत्तियों का जिक्र उन्होंने पिछले 20 वर्षों में अपने चुनावी हलफनामों में किया था। उन्होंने आगे कहा, “मैंने 20 साल पहले शिमला में 12 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदा था और उस पर घर बनवाया था। मेरी आय में वृद्धि के कारण इस संपत्ति का मूल्य बढ़ गया होगा।”
सुखु ने कहा, “यह भाजपा की राजनीतिक साजिश प्रतीत होती है। दरअसल, मेरी संपत्ति कम हो गई है, जिसका जिक्र अगले साल दाखिल किए जाने वाले मेरे चुनावी हलफनामे में होगा।” उन्होंने आगे कहा, “सवाल उठ रहे हैं कि एक साधारण पृष्ठभूमि के व्यक्ति के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति कैसे हो सकती है। मैं कहना चाहता हूं कि कोई भी अपनी मेहनत की कमाई से संपत्ति खरीद सकता है, इसलिए इस तरह की धारणा बनाना गलत है।”
उन्होंने मंडी लोकसभा सांसद कंगना रनौत पर भी NEET परीक्षार्थियों और छात्रों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।”

