बहबल कलां फायरिंग मामले की एसआईटी को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता परमबंस सिंह रोमाना की प्रतिक्रिया सामने आई है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए परमबंस सिंह रोमाना ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की ओर से बीते 10 वर्षों में केवल राजनीति की गई है। सच सामने लाने की इनकी मंशा नहीं थी। सच सामने लाने की इनकी मंशा इसलिए भी नहीं थी कि जांच होगी तो आम आदमी पार्टी के नेताओं का ही नाम सामने आएगा। अब इनकी ओर से कहा जा रहा है कि वे नए तथ्य सामने लाएंगे। बीते 11 वर्षों में इतनी एसआईटी बनाई गई, क्या उनकी जांच में तथ्य सामने नहीं आए?
परमबंस सिंह रोमाना ने कहा कि इनकी ओर से इतने दिनों तक क्यों छिपाया गया था। बेअदबी का यह मुद्दा हर चुनाव के पहले दोनों पार्टियां (कांग्रेस और आम आदमी पार्टी) उभारती रहती हैं। चाहे 2019 का चुनाव हो, उससे पहले कांग्रेस की सरकार की ओर से भी यही किया गया। इस मामले में चार चालान पेश किए गए हैं, जिनमें से तीन चालान कुंवर विजय प्रताप की ओर से पेश किए गए। मेरा पूछना है कि चार चालानों में अब तक किसी अकाली नेताओं या कार्यकर्ताओं का नाम उनको क्यों नहीं मिला, अगर कुछ था तो।
उन्होंने कहा कि पिछला चालान 2 अप्रैल 2021 को पेश किया गया। साढ़े पांच वर्ष हो गए क्या सरकार सो रही थी? जब चुनाव आता है तो इस मामले को उठा लिया जाता है और चुनाव खत्म हो जाने के बाद सो जाते हैं। अब बेअदबी करते हुए भगवंत मान का वीडियो सामने आया है।
परमबंस सिंह रोमाना ने आगे कहा कि वीडियो की जांच भी कर ली गई है कि वो असली है। अपने बचाव में एक फेक रिपोर्ट बनवाने की कोशिश की, उन लोगों को पकड़ लिया गया। उन लोगों की गिरफ्तारी कर 164 में कोर्ट के सामने बयान दर्ज करा लिए गए। गुरु दोखी भगवंत मान घिरे हुए हैं, उससे बचने के लिए इन्होंने ये नया एंगल दे दिया है।


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