उत्तरी राज्यों के पांच राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारी मंगलवार को राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय संगठित गैंगस्टरों के गिरोहों को तोड़ने पर चर्चा करने के लिए मिलेंगे।
यह बैठक अमेरिका में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ( एफबीआई) द्वारा लॉरेंस बिश्नोई और जगगु भगवानपुरिया के आपराधिक गिरोहों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने के कुछ दिनों बाद हुई है।
पंजाब पुलिस द्वारा आयोजित और एनआईए द्वारा संचालित इस बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के डीजीपी के साथ-साथ एनआईए के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, एजेंडा में उन गिरोहों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई शामिल है जिन्होंने पंजाब से बाहर भी अपना परिचालन फैला लिया है और विभिन्न क्षेत्रों में शूटरों, हथियारों और रसद का समन्वय कर रहे हैं।
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अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैठक पहले से निर्धारित थी और एफबीआई के आरोपपत्र से इसका कोई संबंध नहीं है, हालांकि समय का संयोग हो गया। चर्चा में मादक पदार्थों की तस्करी और सीमा पार आतंकवाद पर पुलिस समन्वय भी शामिल होगा। पंजाबी फिल्म सतलुज की रिलीज को लेकर संभावित कानून व्यवस्था संबंधी चिंताओं पर कोई विशिष्ट एजेंडा आइटम सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
मुख्य ध्यान संगठित अपराध पर है, खासकर उन गैंगस्टरों पर जो कई राज्यों में फैले हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि डीजीपी और केंद्रीय एजेंसियों के बीच इस तरह की समन्वय बैठकें पहले हरियाणा और दिल्ली में हो चुकी हैं।
लॉरेंस बिश्नोई और जगगु भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों ने हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में समूहों के साथ नेटवर्क स्थापित कर रखे हैं।
अमेरिका की इस कार्रवाई ने पंजाब के गैंगस्टरों को वैश्विक सुर्खियों में ला दिया है।


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