6 मई । आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए पीड़ितों को ही दोषी ठहरा रही है। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा भी शामिल था।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार यह तर्क दे रही है कि मकान में ऊपर जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी, जिसकी वजह से लोग बाहर नहीं निकल पाए, लेकिन असली सवाल यह है कि दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्य शुरू करने में करीब 50 मिनट की देरी क्यों हुई। उन्होंने यह भी पूछा कि फायर ब्रिगेड के वॉटर कैनन में पर्याप्त पानी का दबाव क्यों नहीं था, जिससे आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका।
उन्होंने कहा कि इससे पहले पालम में हुए अग्निकांड में भी सरकार ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीड़ितों को जिम्मेदार ठहराया था। उस घटना में भी 9 लोगों की मौत हुई थी।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि हर बार सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसी ही दलीलें देती है। सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद से सवाल करते हुए कहा कि क्या उनके अपने घरों में ऊपर जाने के लिए एक से ज्यादा सीढ़ियां हैं? उन्होंने कहा कि दिल्ली के अधिकांश घरों में एक ही सीढ़ी होती है, ऐसे में इसे हादसे का कारण बताना तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दमकल विभाग को सूचना देने के करीब 20 मिनट बाद गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन उपकरण तैयार करने में ही 30 मिनट और लग गए। इस देरी के कारण लोगों को समय पर बचाया नहीं जा सका। कई लोग छत और छज्जों से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि मकान में ऑटोमैटिक लॉक लगे थे, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार पीड़ितों पर ही दोष डालकर अपनी जवाबदेही से बचना चाहती है।
इसके साथ ही, उन्होंने 18 मार्च को हुए पालम अग्निकांड की जिलाधिकारी जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक न होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजधानी में इस तरह की घटनाएं किसी के भी साथ हो सकती हैं, इसलिए सरकार को जिम्मेदारी लेते हुए जवाब देना चाहिए।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसे मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके।


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