पूर्व केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को हमीरपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में संविदा श्रमिकों के लिए आयोजित एक दिवसीय कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जागरूकता एवं शिकायत निवारण शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि संविदा श्रमिकों का कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा केंद्र सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने संविदा श्रमिकों के समर्पण और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि वे अनुभवी, मेहनती, ईमानदार और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं। उन्होंने आगे कहा कि एनआईटी और राज्य की जनता उनके योगदान को सराहती है।
अनुराग ने कहा कि लोग किसी भव्य इमारत की ऊँचाई और सुंदरता की प्रशंसा तो करते हैं, लेकिन अक्सर उसकी मजबूत नींव को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। उन्होंने संस्था के उत्कृष्ट रखरखाव और दैनिक प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को बधाई दी।
हमीरपुर के सांसद ने श्रमिकों से ईपीएफ और ईएसआई से संबंधित मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने, समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने और एक-दूसरे के बीच जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
अनुराग ने कहा कि केंद्र सरकार ने 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में समेकित कर दिया है, जिससे जमीनी स्तर पर श्रमिकों और संविदा श्रमिकों के लिए अपर्याप्त प्रावधानों को प्रतिस्थापित किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इन चार श्रम संहिताओं ने श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत कानूनी संरक्षण प्रदान किया है और संविधान की भावना के अनुसार उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की है।

